मैं अपने चचेरे भाई की शादी में शामिल होकर गांव गया..
वहां मेरी चचेरी बहन आई हुई थी, वो मस्त लगी मुझे, मुझे उसमें दिलचस्पी दिख रही थी, उसकी और मेरी उमर भी वही है, शायद मैं भी दिलचस्प लगाऊं, दो दिन बाद शादी थी, Jab Bhabhi Choodi
मेरे भैया का मन नहीं था तो मेरी भाभी ने कहा कि मैं उनके साथ घूमने चालू।
मैं खुश हो गया, मैंने कार निकाली और हम दोनों घुमने चल पड़े, मैं उन्हें गांव के खेतो में ले गया,
वहां पहले से ही दो किशोर जोड़े थे।
भाभी ने कहा कि कार वहां लेकर चलो जहां कोई ना हो, मैं थोड़े आगे कार ले गया वहां भाभी बोली कि यहीं रोक दो,
वहां ट्यूबवेल भी था भाभी ने अपने सैंडल उतार दिए और अपने पैर ट्यूबवेल के ठंडे पानी से धोने लगेंगे,
मैंने भी अपने जूते उतार दिए और कार्गो ऊपर करके ट्यूबवेल में उतार दिया, भाभी ने मुझे कहा कि मेरे पैरों पर हाथ फेर कर साफ करू,
जैसे ही मैंने उसके पैरों को छुआ मेरे बदन में आग सी लग गई, मैं उन्हें सहलाने लगा, और धीरे-धीरे उसकी सलवार ऊपर करने लगा, पर फिर मुझे एहसास हुआ कि वो मेरी भाभी है, इसलिए मैं फिर से शांत हो गया,
इतने में मेरी भाभी बोली कि उसे टॉयलेट आया है, पर उसे झाडियों में जेन से डर लगता है,,
इसलिए उसने मेरे सामने अपनी सलवार उतारी और सुसु करने लगी, Bhabhi ki chudai ki kahani
मैंने उसकी गांड देखी, वो बिल्कुल गोल थी,
वो टॉयलेट करके उठी, और उसने सलवार चोद दी, मैं उसकी लाल चूत को घुर रहा था, वो मेरे पास आई और मेरे लंड को पकड़ लिया,
मैंने भी देर नहीं की और अपनी ज़िप खोल दी, वो 10 मिनट तक मेरा लोडा चुनती रही,
फिर मुझे उसकी फुद्दी चाटने लगा और अपनी उंगली उसकी चूत के अंदर तक डाल दी,
पर मेरे पास कंडोम नहीं था इसलिए मैंने उससे पूछा कि क्या मैं अपना लोडा उसकी चूत में डालू, और उसने हां कह दिया,
पहले मैंने धीरे से अपना लंड उसकी फुद्दी में डाला,,और 10 मिनट तक उसे रख कर चोदा,,
वो बहुत चिल्ला रही थी, पर मुझे नहीं रुका, आखिर मुझे रुकना ही पड़ा क्योंकि मेरा छूट चुका था, और आधा साल तो उसकी फुद्दी में ही गिर गया,
पर उसे कोई टेंशन नहीं थी,
थोड़ी देर बाद हम रिफ्रेश हो कर घर आएँगे.. Antarvasna Sex Stories
अब ये बात हमने किसी को ना बताने का फैसला किया है