Naukar Se Mom Ki Chudai – Crazy sex story

ये 7/8 साल पुरानी बात है तब मेरी माँ 36/37 साल की थी और मैं 18 साल की माँ और मैं गाँव गये थे, गर्मी की छुट्टियाँ चल रही थी दादा जी के गाँव में उनके घर एक नौकर रहता था। उसका नाम भीमा था वो 20/21 साल का था लेकिन मुझसे उसकी बहुत अच्छी दोस्ती हो गई थी हम एक दूसरे से बहुत खुल गए थे और गांव की औरतों के बारे में बड़ी गंदी बातें करते थे फिर साथ में हस्तमैथुन करते थे Naukar Se Mom Ki Chudai

किया करते थे उसका लंड काफी मोटा और तगड़ा था उसने बताया कि उसने बहुतों को चोदा है मुझे चुदाई का कोई अनुभव नहीं था तब तक। एक बार हस्तमैथुन करते हुए उसने माँ की जिक्र किया और गन्दी गन्दी बातें कीया मुझे पहले थोड़ा सा अजीब लगा पर मेरा भी लंड खड़ा हो गया माँ की हाइट 5’3′ तक थी और वो पतली सी थी पर उनके

गांड काफी मोटी थी और उनके स्तन भी 34 साइज से बड़े थे, वो थोड़ी बहुत पुरानी अभिनेत्री सायरा बानो जैसी दिखती थी उनका नाम श्रेया है उसने मुझे कहा कि तू कल रात को बेडरूम का दरवाजा अंदर से खुला छोड़ देना सिर्फ इतना ही काम करना है तुझे बाकी मैं संभाल लूंगा मैं खुशी से राजी हो गया मैं और माँ एक ही कमरे में सोते थे पास वाले कमरे में दादा जी और दादी बाहर के कमरे में माँ और बाहर वरोधा पर भीमा सोता था उस दिन के रात को माँ ने दरवाज़ा बंद करके सोने आये फिर मैं कुछ देर में पिसाब के बहाने बाहर आया भीमा को कहा कि मैं दरवाज़ा खुला छोड़ दूँगा क्या वो माँ को आज सच में चोदेगा उसने कहा कि इसी तरह उसने पिछले 2 दिनों से हस्तमैथुन नहीं किया आज कम से कम 3 बार चोदेगा मैंने कहा गांड में भी डालेगा ना?

उसने कहा जरूर मैंने उसे वैसलीन की बोतल दिखाई उसने कहा तू अपने सिरहाने रख लेना मैंने हां करके जल्दी ही वापस आ गया और दरवाजा बंद कर दिया पर ताला नहीं लगाया गांव में अक्सर हम लोग जल्दी सो जाते हैं रात बढ़ रही थी बहुत देर हो गई मां सोरही थी रात के करीब 12 बज चुके थे वो नहीं आ रहा था मुझे नींद आ रही थी सोचा कहीं वो तो नहीं गया पर फिर से उसके पास जाने डर लग

रहता की कहीं माँ उठ गई वैसे भी मैं अंदर के साइड पर सोया था और माँ बहार की साइड पे राज अरायण: ऐसे ही 10/15 मिनट के बाद जब मैं सोने ही वाला था तो दरवाजा थोड़ा सा खुला और कोई अंदर आया अँधेरा था फिर भी पता चल रहा था की भीमा हाय है उसने अंदर आकार दरवाजा अंदर से धीरे से लॉक किया फिर बिस्तार के पास आकर खड़ा किया और माँ की तरफ देखता रहा। फिर उसने अपना कपड़ा

उतारा और बिस्तर के ऊपर आगया माँ मेरे तरफ चेहरा करके सो रही थी वो धीरे से हम दोनों के बीच में आगया उसने मुझे थोड़ा हिलाया मैंने उसके हाट में वेसलीन की बोतल दे दीया वो समझ गया कि मैं जाग रहा हूँ हमने बर्तन की बोतल सिरहाने रखलिया फिर वो माँ का पल्लू सरका कर धीरे-धीरे ब्लाउज के बटन खोलने लगा माँ ने थोड़ा कर वाट बदली और वो रुक गया फिर उसने सारे बटन खोल दिया और साड़ी भी काफ़ी हद तक खोल दिया और पेटीकोट को थोड़ा ऊपर उठा दिया: फिर उसने अपने दाहिने हाथ को पेटीकोट के अंदर डाल दिया और दूसरे हाट से माँ के स्तनों को मसला हुआ उनके गर्दन और गालों को चूमने लगा माँ ने थोड़ी हलचल की फिर अचानक झटके से उठाई और चौंका दिया बोली कौन? उसने धीरे से कहा मैं भीमा हूं मां को समझ में नहीं आया होगा कि ये सब क्या होने लगा है!

उन्हें भीम से दूर रखने की कोशिश की और कहा तेरी इतनी हिम्मत! दूर हट पर वो माँ को कसकर पकड़ रखा था और उसका एक हाथ उनका पेटीकोट के अंदर ही था। उसने मेरी माँ को चुप करवाते हुए कहा कि अगर वो ज्यादा शोर करेगी तो बगल में राज लेता हुआ है (मैं) उठ जाएगा और फिर सब को पता चलेगा तो उनकी ही बदनामी होगी मैं तो नौकर हूं मुझे निकल दिया जाएगा

पर मैं कहूंगा कि आप ने ही मुझे बुलाया था वैसे भी आप बहुत ज्यादा नंगी हो चुकी हो आप की बदनामी होगी दीदी जी बस एक बार चुपचाप से कर लेने दो किसी को कुछ पता नहीं चलेगा ऐसे कहते हुए भी भीमा ने अपना काम जारी रखा था एक हाथ से उसने माँ के दोदो हाथों को उनके सर के ऊपर रख कर कसके पकड़ रखा था और दूसरे हाथ को उनके पेटीकोट के अंदर डाल कर मसल रहा था

एक टांग से मां के दोनों टैंगो को दबा कर रखा था और धीरे-धीरे मां के कानों में ये फुसफुसा कर कहते हुए उनके गाल को, गर्दन को चाट रहा था और सूंघ रहा था मुझे उसकी हर हरकत साफ पता चल रहा था उसकी बातें भी सुनाई देती थीं मां बुरी तरह से उसके लपेटे में फंस चुकी थी पर चिल्ला भी नहीं पा रही थी, भीमा पागलों की तरह उनके गाल और गर्दन को चाट रहा था और सुन रहा था रहा था वो अपनी उंगली से उनकी चूत के साथ खेल भी रखता था शायद उसके हाथ जो उसने माँ के पेटीकोट के अंदर घुसा रखा था अब हरकत करने लगा था जो मुझे साफ पता चल रहा था माँ बस काहे रही थी भीमा प्लीज छोड़ दे ह्ह्म फ्ह्ल्लिज्जे उउउउफफ छोड़ मुझे छोड़ दे मुझे उउम्म्ह क्या कर रहा है पर माँ ज़ोर से भी नहीं काहे पराहे थे उन्हें डर था कि कहीं मैं जाग ना ​​जाऊँ पर

भीमा सुनने वाला कहां था, वो अपने काम में लगा था और काहे रहा था, क्या चुत है आप की इतनी सारी झांटें मैंने किसी की चुत पर नहीं मिलीं, बस एक बार चोदा लो मुझे बहुत मजा आएगा आपको किसी को कुछ भी नहीं पता चलेगा ऊहह दीदी जी कितना गरम है आप का! धीरे धीरे वो माँ के कानों में ऐसे कहते हुए ब्रा के ऊपर से ही उनके स्तनों को चबाने लगा था।

माँ कोशिश कर रही थी उसको अपने से दूर हटाने की पर वो लाचा थी उनके दोनों तांगे भीमा के एक तांग के नीचे बुरी तरह दबा हुआ था और उनके दोनों हाथों को सर के पीछे भीमा ने अपने एक हाथ से पकड़ रखा था अब उसने अपने दाहिने हाथ को माँ के पेटीकोट के अंदर से नकल और उंगली को अपनी नाक के पास लेकर सुंघने लगा वाह क्या मस्त खुशबू है ये कह कर उसने वही उंगली माँ के होठों पर

लगा कर माँ के मुँह के अंदर डाल ने की कोशिश की पर माँ अपना चाहे इधर उधर करने लगी उसने खुद अपनी उंगली चूस ली और कहने लगा क्या आपकी चूत का स्वाद भी बहुत मस्त है मुझे आज जी भर के आप की चूत का रस पीना है आप आराम से पिलाओगी ना? माँ ने कहा देख भीमा चोद दे जो भी हुआ है मैं किसी को कुछ नहीं बताऊंगा छोड़ दे उसने कहा दीदी कहा कुछ हुआ है अभी तक अब तो

पूरी रात पड़ी हुई है ये काहे कर वो दूसरे हाथ से माँ के पेटीकोट का नाडा खोल ने लगा सारे तो लगभग खुल ही चुकी थी उसने एक झटके में पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया और पेटीकोट को अलग सारका कर अपने जोड़े से ही माँ के पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया फिर उसने माँ के बगल में लेते हुए ही एक टैग से माँ के एक तांग को और दूसरे रे दूसरे तांग को इस तरह अलग-अलग करमे दबा के रखा कि माँ की तांगे खुल गई साड़ी का गांठ तो पहले से ही खुल गया था अब माँ सिर्फ आधी खुली ब्लाउज और ब्रा में ऊपर की तरफ चेहरा करके लेती हुई थी भीमा पूरा खिलाड़ी ही था इस तरह उसने माँ को दबा रखा था कि उसको धक्का देना याह अपने बदन से अलग करना माँ के लिए नामुमकिन सा था माँ बस फुसफुसाती हुई रात लग राखी थी भीमा उफ छोड़ दे मुझे छोड़ दे भीमा आह क्या कर रहा है मेरे साथ छोड़ दे मुझे छोड़ दे रे भीमा तेरे पर पड़ती हूं मैं एक शादी शुदा औरत हूं मुझे चोद दे ये पाप है गलत है चोद दे।

पर भीमा अपनी धुनकी में था कि माँ के चूचों को ब्रा के ऊपर से मसला जा रहा था और उनके ऊपर बड़ा को चाट रहा था उसने माँ के दोनों हाथों को अपने बाएं हाथ से दबा रखा था इसलिए उनका ब्लाउज और ब्रा उतार नहीं पा रहा था शायद उसे लग रहा था कि ब्रा ब्लाउज खोल ने के चक्कर में कहीं फिर से माँ को इस पोजीशन में लाने के लिए काफी परेशानी होगी।

मैं इंतज़ार कर रहा था कि कब वो माँ को बिल्कुल नंगी करेगा अब मुझे भरोसा होगा कि वो सच में उस्ताद किलादी है और थोड़ी देर में ही वो माँ को बिल्कुल नंगी भी कर देगा अब मुझे यकीन हो गया था कि उसने खुद के जो चुदाई के किस्से मुझे बताया था वो सब सच ही होगा हालाकी अब तक मैं उसकी बातों को सिर्फ फैंटेसी समझता था Crazy sex story

वो माँ के पेट कमर हांगों को सहला रहा था और काहे रहता”दीदी आज तो ख़ूब चोदूंगा तुम्हें तुम बहुत ख़ूब मज़ा आएगा अब वो मेरी माँ को आप से तुम कहने लगा था फिर उसने माँ के निपल्स को ब्रा के ऊपर से ही दांत से कांट ने लगा माँ ‘आउउचह उउह्फ्फ काहे कर सिसक गई फिर उसने अपने दाहिने हाथ से माँ के जाँघों को सहेलते हुआ उनकी चूत पर हाथ फिराने लगा कहने लगा दीदी कितनी झांट है यहाँ!

तभी मॉम ने हल्के दर्द के कारण आहा कहा तो मैं समझ गया कि वो मॉम के चूत पर उगे हुए झांटों को खींच लिया है। कमरे में बहार की खिड़की से जो रोशनी आ रही थी उसे सब मुझे साफ दिखायी पड़ रहा था हालाकी एक दूसरे के चेहरे को बिल्कुल नजदीक लेकर गौर से नहीं देखने पर कोई जाग रहा है हां नहीं ये बात पता नहीं चल सकता था इसलिए मैं सुरक्षित था और सब देख रहा था पर माँ को लग रहा था कि मैं गहरी नींद में हूं और जो कुछ भी चल रहा है मुझे कुछ भी खबर नहीं कहीं मैं जाग ना ​​जाऊं इसी डर से वो भीमा पर चिल्ला भी नहीं सकती थी और भीमा मजा लूट ने लगा था मेरा लंड भी खड़ा हो गया था भीमा माँ की चूत को सहलाते रंगे उनके होठों को चूमने की कोशिश की पर माँ ने अपना चेहरा दूसरे तरफ घुमा लिया अब उसने अपनी एक उंगली को माँ के चूत के छेद पे डाल दिया तो माँ सिसक उठी भीमा भी ज़ोर ज़ोर से साँस लेने लगा था और उसने अपनी उंगली ओके धीरे धीरे अंदर बाहर करते हुए माँ के चेहरे पर अपना मुँह झुका लिया। माँ ने अपना चेहरा दूसरे तरफ कर लिया था, उसकी वजह से उनका कान की लोब को चाटना आसान हो गया था वो माँ की चूत में अपनी उंगली को अंदर बाहर करता हुआ अपने लंड को उनके जांघो में घिस रहा था और उनके कान की लोब को चाटने लगा था अब

माँ की भीमा छोड़ दे मुझे वाली चूहा बंद होगयी थी, शायद वो समझ चुकी थी कि अब भीमा बिना उनको बिना ठोके छोड़ेगा नहीं अब माँ की सांसे भी तेज़ होने लगी थी और वो ज़ोर ज़ोर से सांसे भरने लगी थी अभी भीमा उनकी चूत में अपनी उंगली का रफ़्तार तेज़ करने लगा और उनके कानों में धीमी धीमी आवाज़ में कहने लगा ऊओह्ह्ह दीदी क्या मस्त चूत है तेरी साली तू तो अब गरम होने लगी है गिला होने लगी है ऊऊह्ह्ह दीदी मैं तेरी चूत फाड़ने के लिए कब से तड़प रहा हूं ऊऊहह सालीइ कितना नरम और गर्म है तू अंदर से। भीमा अब बहुत ज़ोर ज़ोर से उंगली चला रहा था। माँ ने ‘आउच काहेती हुई’ थोड़ी सी चिल्ला पड़ी और फिर अपने आप को संभालती हुई ह्ह्ह्हहुउ कि सिस्किया लेनी लगी भीमा ने अपनी तीन उंगली उनको छेड़ी में डाल दिया था इसीलिये माँ ने आऊच काहे कर चिल्ला पड़ी ये समझ में आया जब भीमा कहने लगा, ‘है दीदी तीन उंगली हाय डाला है अब से आउच करेगी तो मेरा लंड कैसी लेगी दीदी तुम तो बहुत टाइट हो

हो लगता है तुम बिल्कुल भी ठीक से चुदी नहीं हो ऊओह्ह्ह्ह दीदी कितने पानी तेरी चूत से जार रह रहे हैं बिल्कुल कुंआरी चूत की तरह है तेरी चूत साली रांड आज तो जी भर के नहाऊंगा तेरी चूत की नदी में। मेरी माँ को भी इस तरह की भाषा में बात करता हुआ सुन कर मुझे हेयरत ​​भी हुई मजा भी आया और मैं बिल्कुल गरम होकर बिस्तार पर ही अपने लंड को रगड़ना शुरू कर दिया। अब भीम ने अपना उंगली बाहर निकाला और खुद मॉम ऊपर चढ़ गई मॉम के ऊपर आकर उनके दो

जाँघों के बीच में लेट गया अब उसने माँ के सर के नीचे से तकिया निकाल कर उनके कमर के पास लाया तब तक उसने अपने बाएँ हाथ में वैसे ही माँ के दोनों हाथों को दबा कर रखा था फिर उसने दाएँ हाथ से माँ के कमर को थोड़ा ऊपर उठा कर उनकी गांड के नीचे तकिया रख दिया। माँ की चूत अब थोड़ा ऊपर आ गई थी उसने अपने दोनों घुटनों के बाल आधा झुका कर माँ के दोनों जाँघों को और चोदा किया अब माँ बिल्कुल भी रोक नहीं रही थी शायद वो जल्दी से जल्दी उससे जल्दी निपटना चाहती थी पर मुझे

पता चला कि अब तो पहली यात्रा शुरू नहीं हुई है और दूसरी यात्रा का होना तो बाकी है। उसने माँ के पैरों को ”एम” आकार में कर लिया और एक हाथ से अपने लंड को पकड़ कर उनकी चूत के छेद पर रखा फिर एक ज़ोर का धक्का दिया माँ इस बार ज़ोर से चिल्ला पड़ी आआह्ह्ह। माँ के मुँह खोल ते ही उसने अपना मुँह माँ के मुँह में डाल दिया मुख्य उसे इस तरह का ख्याल होगया अब माँ को स्मूच करने से रोक नहीं पाई और भीम ने अपना जवाब दिया माँ के मुँह में डाल कर चूस ने लगा था उसने फिर से हाथ

को लंड पर लेकर माँ की चूत में एडजस्ट किया और फिर से एक ज़ोरदार धक्का लगाया माँ बुरी तरह सिसक उठी पर भीमा उनके मुँह में मुँह डाल कर ऐसा चूस रहा था कि उनकी आवाज़ बाहर नहीं निकल पाई पर इस बार भी भीमा का हथौड़ा वाला लंड अंदर नहीं गया मैं बहुत हाय उतावला था मुझे तो पहले से ही पता था कि माँ की चूत में उसका इतना मोटा लंड जाने में बहुत बिकट होगी अब भीमा ने हाथ बढ़ाया कर मेरे सर के नीचे से मेरा तकिया खींच लिया और इस्तेमाल भी किया

माँ के कुल्हो के नीचे रख दिया अब उनकी गांड और ऊपर आगया जिस से उनकी चूत और भी फैल गई फिर उसने अपने दिना हाथ से माँ के दोनों टैंगो को और ऊपर उठाया अब माँ ने भी खुद वखुद उसकी इशारों को समझी हुई तांगे ऊपर कार्ली मुझे हेयरानी हुई पर मैंने सोचा कि अब उनके पास और चारा ही क्या था सिवाये जल्दी से भीम को निपटने के इलावा अब भीम ने दिया एक धक्का और भी ज़ोर से।

माँ तड़प उठी और भीम का लंड का तीन में से एक हिसा अंदर घुस गया अब वो धीरे धीरे पेलना शुरू किया उतने ही हिससे को वो बड़े आराम से अंदर बाहर करने लगा साथ में वो माँ की जीभ को भी चॉकलेट की तरह चूस रहा था अब उसने माँ के दोनों हाथों को चोद दिया। Antarvasna Hindi

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