Hawas – Muslim sex story

हाय दोस्तों मेरा नाम कैफ है और मैं मेरी अम्मी रुखसार और बहन नदिया लखनऊ में रहती हैं। और अब्बू दुबई में मुलाजिम हैं तो साल में एक बार ही आते हैं। वैसे तो हम पास के शहर के रहने वाले हैं Hawasलेकिन पढ़ाई के सिलसिले में हम तीनों को लोक में रहना पड़ता है। यहां अब्बू के दोस्त केशव अंकल के घर ही हमने ऊपर का पोर्शन रेंट पे लिया हुआ है। केशव अंकल बहुत अच्छे हैं और परेशानी बहुत ख्याल रखते हैं और अम्मी का तो कुछ ज्यादा ही। अंकल और अम्मी का खेल हम दोनों भाई बहन बचपन से देख रहे हैं। जब मैं छोटा था तो कई बार अंकल मेरे सामने ही अम्मी को पकड़ लेते थे, उनके दूध दबाते और छीनते थे और जब मेरी अम्मी के साथ सोता था तो अंकल भी साथ ही लेट जाते थे और फिर मैं आँख बंद करके उनके डको को महसूस करता था। कभी-कभी अम्मी की चीख भी निकल जाती थी पर मैं खामोश ही रहता था। उस वक़्त में करीब 8-9 साल का था। एक दिन अम्मी नीचे केशव अंकल के घर थी तो मैं वहाँ चला सोचा विशाल जो कि अंकल का बेटा है और मुझसे 4 साल बड़ा था उसके साथ केलने जाता था। पर विशाल घर पे नहीं था

शीला आंटी ने बोला वो थोड़ी देर में आएगा तो मैं वही बैठ गया और टीवी देखने लगा। तभी नीचे से अम्मी की चीखने की आवाज़ आई। मैं उठा तो आंटी ने बिठाया और बोली तेरी अम्मी टीवी बहुत देखती है उसी के लिए अंकल उनकी पिटाई कर रहे हैं। मैं डर गया तो आंटी बोली तू भी ज़्यादा टीवी न देखा कर। यह सुनकर मैं डर कर वहीं से भाग आया। फिर कुछ दिन बाद एक दिन में और नदिया पड़ रही थीं थे तभी से अम्मी की हल्की चीके चुनी दी। नदिया ने कुछ ध्यान न दिया तो मैंने बाजी को बोला कि बाजी देखी अंकल अम्मी की कितनी पिटाई करते हैं।
बाजी मुझे देखकर मुस्कुराई और बोली तुझे कैसे पता मैंने बोला कि आपको सुनो न अम्मी रो रही है देखो हमें उन्हें बचाना चाहिए। तो बाजी ने हंसने लगी और बोली चुप बेवकूफ अंकल बहुत अच्छे हैं और वो अम्मी का ख्याल भी तो रखते हैं। मैंने बोला तो क्या हुआ बाजी मरते क्यों हैं फिर। तो बाजी ने समझाया कि वो अम्मी को ज़ोर से नहीं मरते हैं, वो अम्मी ही रोने का नाटक करती हैं जिससे अंकल को रहेम आए और वो मरे ना प्यार करे। उस वक़्त ये बात मेरी समझ में आई।
आज मैं 14 साल का हूँ और बाजी 17 की तो हम दोनों ही समझते हैं कि अम्मी और अंकल क्या करते हैं लेकिन शर्म से इग्नोर करते हैं सब।

अम्मी 37 की हैं और आज भी बम लगती है।
आखिर हम हैं भी अफगानी पठान परिवार से तो घर में सभी लंबे और गोरे चिट्टे हैं।
बाजी भी कम कयामत नहीं है 17 की उम्र में 22-23 की लगती है।
बाजी के चक्कर में तो मोहल्ले के लड़के ने मुझसे दोस्ती की थी लेकिन उनकी दाल नई गली पर मुझे पता है उस लड़के ने बाजी के दूध दबाए हैं और किस भी किया है इससे ज्यादा नहीं।Muslim sex story
एक बार तो मैंने खुद पड़ाका उन्हें मैं नहा रहा था और राहुल मुझे बुलाने घर आया तो बाजी ने दरवाजा खोला। जब मैंने नहा कर निकला तो देखा कि वो बाजी के दूध दबा रहा है और बाजी उससे चिपकी हुई है। ये सब देखकर मेरा लंड भी खड़ा होने लगा था। एक बात में और बाजी टीवी देख रहे थे अम्मू अंकल के घर गई थी तभी विशाल आया और मुझे दांत लगाने लगा तू बहुत टीवी देखता है पिटाई करूं तेरी जाओ पढ़ाई करो एग्जाम आने वाले हैं
वो दांत लगे बाजी को देख हल्का सा मुस्कुराया और गुस्से में मु बना कर मुझे भगा दिया मैंने बोला बाजी भी तो देख रही तो वो बोला ये बड़ी हो गई इसकी तो पिटाई करनी पड़ेगी और तुझे भी पीटना है तो रुक यहाँ
मैं चुप चाप बाहर आ गया और मेरे दिमाग में अंकल अम्मी की पिटाई आने लगी अब तो नूनी भी खड़ी होने लगी थी तो मैं चुप कर देखने लगा दूर अभी भी पूरी तरह खुले थे। अंदर विशाल बाजी को बेड पे गिरा उसके ऊपर लड़ा था। दोनों के होंठ चिपके थे। फिर बाजी अलग हुई और बोली दूर तो बंद कर लो इस पर विशाल बोला बंद करता हूँ जानेमन पर तेरी अम्मी तो मेरे घर के आंगन में खुले आम चुद रही है। बाजी-तौबा अम्मी भी..तुम भी ना बिल्कुल अपने पापा पे गए हो..
विशाल- तू भी तो अपनी अम्मी पे गई है मेरी रसमलाई।
फिर राहुल खड़ा हुआ और और बाजी उसके सामने बेड पे बैठी थी और बाजी ने अपने हाथ से उनकी जींस खोल के लंड बाहर निकाला..

और विशाल के काले कलूटे लंड को हाथ में लेकर सहलाया ही था कि लंड की लंबाई बढ़ने लगी और वो करीब 9-10” का हो गया।
मैंने पहली बात इतना बड़ा लंड देखा था।
उसके बाप केशव का भी इससे छोटा था और उतने में ही अम्मी की चीख निकल आती थी ना जाने बाजी का क्या हाल करेगा ये काला नाग..
लेकिन बाजी तो बड़े प्यार से उसको सहला रही थी उसे ज़रा भी डर नहीं था। फिर बाजी ने उसके लंड की चमड़ी हटाकर उसकी टोपी बाहर निकाली और उसमें किस किया विशाल बाजी का सर पकड़ कर उसे सहला रहा था फिर बाजी ने उसके लंड को अपने मूं में लेकर चूसना शुरू कर दिया और विशाल उसकी चोटी को लगाम की तरह पकड़ कर आँखें बंद करके मज़े ले रहा था। बाजी करीब आधा लंड अपने मूं में लेती थी। विशाल जोश में आया था उसके मूं से अजीब आवाज़ निकालने लगी और फिर वो बाजी का सर पकड़ कर मूं में ही धक्के लगाते हुए गलियां बकने लगा है मेरी पठानी मुल्ली आह मेरी रंडी मेरी कुरिया चूस मादरचोद…….विशाल पूरे जोश में बाजी के मूं को छोड़ने लगा और बाजी गू गू करती चुराने की नाकाम कोशिश करती रही करीब 15-20 धक्कों के बाद विशाल ने अपना पूरा लंड बाजी के मुंह में घुसाकर उसके सर को अपने लंड पे दबाए हुए रुक गया उसे देखकर लग रहा था कि वो अपना पानी मेरी बाजी की हलक में चोर रहा है.. जब वो अलग हुआ तो बाजी बस अपनी गर्दन पकड़कर बेड पर गिर गई और ज़ोर ज़ोर से सास लेने लगी विशाल हंसता हुआ बाजी के बगल में ले गया
थोड़ी देर बाद बाजी नॉर्मल हुई तो बोली

बड़े ज़ालिम हो 2 मिनट और करते तो मैं मर जाती सब हिंदू एक जैसे ही होते हैं है। और विशाल हँसने लगा और बोला मेरी मुसल्ली तेरी अम्मी भी रोज़ ऐसे ही चुदती है कभी मरी क्या
तभी बाजी की नज़र दूर की तरफ गई मैं हट गया वहाँ से फिर विशाल आया और दूर बंद कर गया।chudai ki kahani

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