मेरी ये कहानी तब की है जब मैं नागपुर में नौकरी करता था, उन दिनों सर्दी का मौसम था और मुझे अपनी नौकरी की जगह जाना था नागपुर, तो मेरे लिए रविवार को रात में ट्रेवल्स से जाने का सोच रहा था।तब मुख्य ट्रेवल्स की टिकट बुक करवाएं ट्रैवल पॉइंट गया और मैंने रात 11 बजे का टिकट स्लीपर ट्रेवल्स का बुक करा लिया, Bus Me Ki Neha Aunty Ki Chudai सफर लंबा था इसलिए मैं घर जा कर सो गया ताकि दूसरे दिन रात में नींद न आने के कारण ताजा रह सके, फिर उस दिन मैं ते समय पर पिकअप प्वाइंट पहुंच गया, और अपनी सीट पे जा के बैठ गया। मेरी सीट निचली उम्र से तिसारा थी, लेकिन मेरी सीट पे मैं अकेला होने की वजह से बोर हो गया रहा था, तो मैंने अपना मोबाइल निकाला और हेडसेट लगा के गाने सुनाने लगा, तब तक मुझे महसूस हुआ कि मुझे कोई आवाज दे रहा है, मैंने हमें आवाज दी और देखा तो बस देखता ही रह गया, क्योंकि मुझे आवाज देनेवाली दूसरी तिसरी कोई नहीं एक लेडी थी, और वो बहुत हाय ख़ूबसूरत थी। मैं दिल ही दिल ख़ुश हो गया, और वो विंडो सीट पे बैठने के लिए जाने लगी और तभी ट्रेवल्स चल पड़ी और उस वजह से आंटी मुझ पे गिर पड़ी उनके मुलायम स्तन मेरे सीने पर कहर ढा रहे थे, जब वो मेरे ऊपर थी तो हम इतने परेशान आ गए थे की मुझे लगा कि उनके शरीर की गंध मुझसे घुल गई हो शायद। फिर मैंने ही उन्हें सहारा दे कर उठाया और उनकी सीट पर उन्हें आराम से बैठने में मदद की, फिर उन्हें मुझे सॉरी बोला और पूछने लगी कि आपको कहीं लगी तो नहीं, तो मैंने सिर्फ मुस्कुरा दिया और उनके स्तन की तरफ देखने लगा तो मेरे ऐसे करें से वो शर्मा गई, और मेरा इशारा समझ गई। तो मैंने कहा उनसे कहा आप क्यों सॉरी कह रही हो गलती तो ड्राइवर की है, तो वो भी हसने लगी, और ऐसे में हाय हमारी इधर उधर की बाते होने लगी जैसे आप कहा से हो, आप क्या करते हो आदि, अब मैं हमें आंटी की बारे में बताता हूं हूं…,
क्या बताउ दोस्तो वो क्या चीज थी। तब उन्हें गुलाबी स्लीवलेस ब्लाउजवाली साडी पहन मैं थी, काली काजल वाली आंखें, गुलाबी होंठ, रेशमी यू कट वाले बाल, रंग एकदम साफ, ऊंचाई यही कोई 5’4″, उम्र 28 साल होगी, पतली कमर, भारी हुई गांड और सबसे सेक्सी बात उनके स्तन, बहुत ही खुबसूरत थी वो। बातों बातों में मुझे उनका नाम पता चला, उनका नाम नेहा था और वो नागपुर की रहने वाली थी और उनकी शादी 4 साल पहले हुई थी, उन्हें बताया गया था कि उनके पति दुबई में नौकरी करते हैं, और साल में 1-2 बार ही आते हैं, और वो हमेशा बहार ही घूमती रहती है अपने पति की याद ना आए इसीलिये। फिर मैंने पूछा के आपके कोई बच्चे नहीं है तो वो मायुस हो के चुप चाप बैठ गई, तो मैंने उसे सॉरी कहा, तब उन्हें कहा कि वो उनके शादिशुदा जिंदगी से खुश नहीं है। तो मैंने उनसे पूछा, “मतलब”, तो अनहोने कहा, “मेरे पति में कमजोरी है, इसकी वजह से मैं नहीं बन पाई और रोने लगी”, रोते रोते वो मेरे कांधे पे सर रखके आंसू पोछ रही थी। तो मैंने कहा मुझे ये सब पता नहीं था मैंने तो बस ऐसे ही पूछ लिया बस, तो वो फिर से खामोश हो गई, फिर कहने लगी मुझे सोना है तो मैंने गुड नाइट कहा और मैं भी उसके बाजू में लेट गया, नेहा आंटी अपना मुंह विंडो साइड में कर के सो गई, तब उनकी पीठ मेरी तरफ थी। पर निंद मेरी कोसो दूर थी क्यों कि मैं दोपहर में सोया था और बाजू में एटम बम था तो कैसी नींद आती फिर भी में आंखें बंद करके लेट गया, थोड़ी देर बाद मुझे लगा के नेहा आंटी मुझसे चिपक गई हैं, फिर में दूरी बनाए रखने के लिए मैं उनके पीठ और गांड की तरफ मुंह करके लेट गया और उनके तरफ ध्यान से देखने लगा। तबी थोड़ी देर बाद वो फिर से हिली और मुझसे फिर चिपक गई, तब मेरा लैंड उनको गांड के अंदर से सताने लगा, मैंने सोचा क्या करू तो लैंड बोला जो होता है होने दे, तो मैंने ऐसे ही पोजीशन में खुद को रखा, ट्रेवल्स के हिलने के वजह से लैंड और गांड के बीच अच्छा खास घर हो रहा था और मुझे मजा भी आने लगा था। ऐसा कुछ देर तक चला फिर आंटी ने साडी ठीक करने के बहाने मेरे लंड को चू लिया तब मेरे शरीर में करंट दौड़ने लगा,Aunty Ki Chudai Ki Kahani
तब मैंने आंटी के कमर पे अंजान बांटे हुए हाथ रख दिया, और कमर को सहलाने लग गया। तब उन्हें मेरा हाथ पकड़ा तो मेरी गांड ही मोटी हो गई, फिर उन्हें मेरे हाथ को अपने बाएं बूब के ऊपर ले जा कर रख दिया और थोड़ा दबा दिया तो मुझे लगा जैसे मेरी लॉटरी ही लग गई दोस्तो, मैं बहुत खुश हुआ और बड़े प्यार से उनके बूब का मुआना करने लगा। जैसा ही मैंने उनका बूब दबाया उनके मुंह से एक प्यार भारी आह सी निकल गई और वो मेरी तरफ घूम गई और मुझसे लिपट गई, जैसे कि वो जन्मो की प्यासी ही सेक्स की, फिर वो मुझे बेताहाशा चूमने लगी, मेरे गालों पे, होठों पे, आंखों पे, किस करते करते वो अचानक से रुक गई और मेरी और देखने लगी और कहने लगी, मुझे माफ करदो विवेक, मैं तुम्हारे साथ ये सब कर रही हूं और रोने लगी। कहने लगी शादी हुई तब से में सेक्स की भूखी हूं, सब मुझे बांझ कह के बुलाते हैं तब मुझे बहुत बुरा लगता है, मेरी भी मां बनने की ख्वाहिश है मगर पति से वो सब नहीं हो सकता तब भी आज जब सीट पे बैठे वक्त में तुम पर गिरी तो तुम्हारे पास आने के बाद मेरी सेक्स की इच्छा जाग उठी..और मैंने सोचने लगी कि आज मेरे पास मौका है सेक्स करने की भी और मां बनने की भी, विवेक प्लीज मेरी मदद करो मुझे प्यार करो, मेरी सेक्स की भूख मिटाओ और मुझे अपने बच्चे की मां बना दो और फ़िआर से रोने लगी, ये सब सुन के में कुछ बोल ही नहीं पाया। फिर मैंने उसे आंसू पोंछे और उसके होठों पर किस करने लगा और फिर उसे देख के मुस्कुराने लगा, तो वो मुझसे लिपट गई और मुझे फिर से किस करने लगी, हम 15 मिनट तक किस करते रहेंगे, फिर वो मेरी जबान चूसने लगी, मैंने धीरे-धीरे उसके स्तन दबाने शुरू कर दिए। फिर एक हाथ से उसकी सदी बाजू की और एक हाथ से उसकी चूत को सदी के ऊपर से ही मसाला लगा, वो काफी गरम हो गई थी, फिर मैंने उसकी सदी नीचे से ऊपर कर दी बहार की रोशनी में मैंने उसको नीचे से नंगा देखा तो देखता ही रह गया.मैं जोश में आ गया और अपनी दो उंगलिया उसकी चूत में घुसाने लगा और उसकी चूत को उंगली से चोदने लगा, 5 मिनट ऐसा करने के बाद वो अकड़ने लगी और फिर उसने पानी छोड़ दिया, मेरा पूरा हाथ उसके काम रस से बहुत बड़ा हो गया।फिर मैंने नेहा को 69 पोजीशन में आने को कहा तो वो झट से मन गई, और किसी रंडी की तरह मेरा लंड चूसने लगी, ये देख कर में भी उसकी चूत को कास के चूसने लगा, वैसे भी मुझे चूत चूसने बहुत पसंद है, नेहा के चूसने से मुझे काफी आनंद आ रहा था। करीब 5-10 मिनट ऐसा करने के बाद हम दोनों साथ में हैं। से झड़ गई, इसी बिच नेहा दो बार झड़ चुकी थी, अब थक गए थे इसीलिये थोड़ी देर हम दोनों लेते रहे, फिर से नेहा ने मेरे लैंड को चूस के खड़ा कर दिया और कहने लगी विवेक चोदो मुझे फाड़ दो मेरी चूत को।तो मैंने अपने ऊपर आने को कहा और लैंड को घुसाने लगा पर मेरा लैंड चूत मैंने जा नहीं पाया तो मैंने थोड़ा थुक अपने लैंड पे लगाया और लैंड को चूत के होठों पे सेट किया और एक जोरदार धक्का मारा तो मेरा लैंड आधे से ज्यादा अंदर चला गया तो नेहा चिल्लाने ही वाली थी की मैंने उसका मुंह दबा दिया और वो रुक गई। फिर उसने मुझे धीरे-धीरे चोदने को कहा और सेक्सी आवाज निकल रही थी और अब तेज चोदने को कहने लगी तो मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और जोर-जोर से इस्तेमाल करने के बाद चोदने लगा, और बस ढक्को के साथ ही अपने धक्के लगाता रहा। कहानी पढ़ने के बाद अपने विचार के आला कमेंट सेक्शन में जरूर लिखें, ताकि देसी कहानी पर कहानियों का ये डोर आपके लिए यूं ही चलता रहे। फिर मैंने पोजीशन चेंज की और इस्तेमाल किया आला लिटाया और फिर अपना लैंड उसकी चूत में पेल दिया तो वो मस्ती से पागल हो जा रही थी, फिर करीब 20 मिनट चोदने के बाद मैंने नेहा से पूछा मेरा होने वाला है कहा निकलु तो वो बोली चुत में ही निकलो तो मैंने वैसे ही किया और मेरा सारा माल उसके मक्खन जैसा चुत में डाल दिया। फिर मैंने नेहा से पूछा कैसी रही चुदाई तो वो मुझसे लिपट गई और कहने लगी आज तुमने मुझे जिंदगी का सबसे बड़ा सुख दिया है इसलिए आज से तुम मुझे जब चाहो तब छोड़ सकते हो और उसने उसका घर का पता और मोबाइल नंबर दिया और फिर हम सो गए। सुबह हमारा स्टेशन आने के बाद हमेशा दूसरे को मुस्कुराकर अपने-अपने रास्ते चले गए।Antarvasna Stories