मैं आज आपको अपनी चुदाई की दास्तान सुनाने जा रही हूँ, मेरी उम्र 23 साल है, 5.6, रंग गोरा, 36c के उभरे हुए स्तन और लचकती हुई गांड 36। मैं अक्सर बुर्का पहनकर ही बाहर जाती हूँ,Bhurke Mein Ramesh Ne Choda मैं कॉलेज जाने के वक़्त हमेशा रास्ते में चलते लोग मेरी मस्त जवानी को नंगी नज़रों से देखते और कुछ तो कमेंट्स भी करते, क्या माल है साली बुर्के में भी होकर लंड को पागल कर रही है.. मेरी गली में एक लड़का था उसका नाम रमेश था, वो अक्सर गली के नुक्कड़ पर ही बैठा रहता था और उसका अक्सर बैठना तो मेरे घर के सामने ही था..खैर वो अक्सर मुझे छेड़ता रहता था और गंदी गंदी बातें करता आते जाते वक़्त, मैं भी उसकी बताउ के मज़े लेती रहती, एक दिन की बात है मैं अपनी सहेली आसमा के घर गई उसने मुझे नंगी फिल्म बताई, वो भारतीय फिल्म थी अजीब सा लगा, मैं वो लंड भुला नहीं पाई मेरी भी भूख बड़ी, मैं भी अपनी चोट को छुड़ाना चाहती थी..खैर मैं घर आने लगी और आते वक़्त अपना नकाब लगाना भूल गई, जब गली में दाखिल होने लगी तो वहां रमेश बैठा था.. (हमारी गली की दूसरी तरफ रास्ता नहीं है इसलिए कोई आता जाता नहीं, उस पर जैसी ही मेरी नज़र पढ़ी, उसने इशारा करते हुए बताया कि नकाब कहाँ है, मैं हल्के से मुस्कुराई और फिर उसकी तरफ देखा, उफ़ अल्लाह क्या कहे, उसका दूसरा हाथ तो उसके पैंट पर था और वो लंड को पैंट पर से रगड़ रहा था… मैं थोड़ा सा शर्मा गई और हल्की सी मुस्कुराहट देकर घर पहुंच गई.. अब मैं घर पहुंचकर वो फिल्म याद करने लगी, अजीब सा लंड था उस फिल्म में, अचानक मेरा ज़हन लंड की बनावत पर गया, उफ़ यह तो अजीब सा लंड था फिल्म में, जिसकी स्किन थी…. मैं सोने लगी फिर खिड़की से झांक कर देखा, रमेश बैठा मेरे घर पर ही नज़र थी… अब मेरा भी दिल उसके लंड को चुनने का होराहा था.. मैंने रूम बंद किया और खिड़की खोल ली और रूम का काम करने लगी… नीली कमीज सफेद रंग की सलवार थी, मैंने ओढ़नी नहीं ओढ़ी थी, मेरे बूब्स काफी तने हुए थे… मैं जान कर ऐसे कर रही थी कि मेरे बूब्स का पूरा मज़ा मिले रमेश को… जब मैं काम करते करते उसकी तरफ देखा तो उसने अपना लंड निकला हुआ था,,, उफ़ खुदा, क्या अजीब था उसका हिंदू लंड, बिल्कुल काला 8 इंच का और काफी बाल भी थे उसके चारों ओर गिर्द, जैसे ही मैंने देखा उसने हाथ से छोड़ने का इशारा किया, मैं हल्के से हँसी और अपनी कमीज को थोड़ा सा नीचे किया जिससे मेरे आधे बूब्स नज़र आ रहे थे, जैसे ही मैंने आधे मम्मे का नज़ारा दिया, रमेश ने अपना लंड पैंट में वापस डाला और मेरी खिड़की की तरफ आने लगा.. मैंने इशारों से कहाँ के रुको.. मैंने कमरा खोला बाहर जाकर देखा सब सो रहे थे… मैं फिर कमरे में वापस आई और उसे इशारों से कहाँ की छत पर आओ…. वो पिछली दीवार से छत पर चढ़ गया(हमारे छत पर एक छोटा सा कमरा बना हुआ है जहाँ काफी सामान पड़ा है) मैंने कुछ कपड़े लिए और सुखाने के बहाने छत पर गई, सीढ़ियों का दरवाज़ा ऊपर जाकर बंद किया और ऊपर के कमरे में दाखिल हुई जहाँ रमेश पहले से मौजूद था, वो अपना लंड निकले हुए सहलरा रहा था… जैसे ही मैं पहुँची उसने कमरे को दरवाजा बंद किया और बल्ब जला दिया और मेरी तरफ अपना हिंदू लंड ज़िप से बाहर निकले हुए बढ़ा और मेरा एक मम्मा पकड़कर मेरे होठों में अपने होठों को घुसा दिया,, उफ़ खुदा कितना अजीब लग रहा था मुझे, रमेश मेरा एक मम्मा ज़ोर से दबाते हुए अपने होठों को थूक मेरे मुँह में डाल रहा था.. दूसरा हाथ मेरे जवान चूतड़ों को दबाने में लगे थे और उसका नंगा हिंदू लंड मेरी पाकीज़ा कुंवारी चूत को सलवार पर से छू रहा है था, मैं भी जोश खाने लगी और अपने हाथ में उसका लंड पकड़ लिया, अजीब से लग रहा था के, उसका काला हिंदू लंड मेरे गोरे हाथों में फूल रहा था.. फिर उसने मेरे हिप्स और बूब्स दबाते हुए कहा,, शबाना जान मैं तुम्हें बुर्के में देखना चाहता हूँ अभी.. उसने मेरे लेए हुए कपड़े में बुर्का देख लिया था.. मैं शर्मते हुए कपड़े से बुर्का निकाला और पहनने लगी, मैंने जैसे ही बुर्का पहना उसने मेरा नकाब निकाल कर दे दिया और कहाँ यह भी पहन लो..मैंने शरारती अंदाज़ में कहा के क्यों रमेश क्या इरादा है? उसने बुर्के में से उभरे हुए स्तन को पकड़ कर कहाँ के, आज तेरी जवान मुस्लिम चूत को बुरखे में छोड़ूंगा… रमेश के मुँह से यह बात सुनकर मैं और जोश में आई और नकाब पहन लिया.. उसने एक कुर्सी ली और उस पर बैठ गया और मुझे कहा.. शबाना इज्जत शरीफ अब अच्छे से बैठ कर मेरे हिंदू लंड को अपने पाकीजा मुँह से चुनो… मैं उसके सामने बैठ गई और नकाब को थोड़ा सा हटाया और उसके काले बिना कटे बालों वाले लंड को अपने होठों में ले लिया.. अजीब मज़ा आ रहा था मुझे मैं रमेश के लंड को अपने होठों से चुरा रही थी और मेरे दोनों माँ उसके घुटनों से दब गए थे, उसने मेरे सर अपने लंड पर दबाया और उसका सारा हिंदू लंड मेरे पाकीज़ा मुँह में चला गया। मेरे होठों को उसके लंड के बाल छूने लगे…अब रमेश ने मेरा नकाब निकाला और मेरे होठों को जो उसके लंड के बाल से छू रहे थे सहलाने लगा..लंड छोड़े हुए मैंने जब उसकी आँखों में देखा उसने शरारत से कहा… क्यों मेरी शबाना इज्जत शरीफ कैसा लगता है मेरा हिंदू लंड तेरे जवान पाकीज़ा मुँह में? मैंने इशारों से लंड छोड़े हुए हाँ का इशारा किया..अब वो कुर्सी से उठा और खड़ा हो गया और मेरा सर पकड़कर मेरे मुँह मेंन छोड़ने लगा…मेरे होंट काफी मुलायम और बड़े हैं, रमेश को बहुत मज़ा आ रहा था शायद वो मेरे मुँह को ज़ोर ज़ोर से छोड़ने लगा.. फिर अपना काला लंड मेरे मुँह से बाहर निकाला और मुझे नीचे लिटा दिया.. अब रमेश अपने कपड़े उतारने लगा देखते ही देखते रमेश नंगा हो गया और उसका हिंदू लंड बालों से भरा मेरी तरफ देखा था.
अब वो नंगा बदन होकर मुझे बुर्के पर से लिपटने लगा, नंगा काला हिंदू बदन मेरी पाकीजा इज्जत वाले बदन को बेइज्जत कर रहा था..रमेश ने दोनों हाथों से मेरे दोनों जवान बूब्स पकड़ कर कहा…साली तू तो मस्त माल है..किसने बड़े किए इतने तेरे बूब्स? मैंने थोड़ा शर्मीले हुए कहाँ के खुद से ही हो गए आज तक किसी ने मेरे जिस्म को नहीं हाथ लगाया…ये सुनते ही रमेश ने अपने लंड से मेरी चूत के ऊपर धक्का दिया और कहाँ…आज अपनी पाकीज़ा मुस्लिम जवान चूत में मेरा हिंदू बिना कटे बालों वाला लंड लेगी शबाना?..मैंने भी शरारती होकर रमेश का हिंदू लंड अपने मेहंदी लगाए हुए हाथ में पकड़ कर कहा..रोज तो मैं गली से जाती थी तो ये अपना हिंदू लंड बात करते क्यों नहीं थे मुझे? रमेश ने मेरे बुर्के के ऊपर के दो बटन खोले और मेरी कमीज को नीचे करके मेरा एक गोरा मम्मा बाहर निकाला और कहा..तू भी तो अपना ये मुस्लिम बोब छुपा कर जाती है रोज मेरी शबाना रंडी…अब रमेश मेरे बाहर निकले एक बोब पर अपना लंड ले आया..अपने लंड से मेरे मुस्लिम बोब को हल्के से मरते हुए मेरे मम्मे के निप्पल को अपने हिंदू लंड के सुपारे से छेदने लगा और शरारत भरी नजरों से मुझे देखने लगा…मैंने भी हल्के से मुस्कराते हुए अपनी ज़बान होठों पर फेरने लगी और उसके लंड की तरफ इशारा किया… वो अपना काला लंड मेरी होठों के पास लेने लगा मैंने शरारत में उसके लंड पर थूक दिया…रमेश थोड़ा सा मुस्कुराया और वापस लंड मेरे मम्मे पर रख कर उसे ठोकने लगा.. अब मेरे मम्मे पर मेरा थूक और रमेश का थूक लगा हुआ था मेरे बूब्स को रमेश हल्के से अपने लंड से मर रहा था फिर दुबारा अपना हिंदू थूक लंड पर थूक कर मेरे मुन के पास ले आया मैंने बिना हिजकिचाए उसका लंड अपने होठों में ले लिया और उसकी तरफ देखकर मज़े से चूसने लगी…रमेश ने मस्त नज़रों से मुझे देखा और कहा…साली छिनाल इतनी अदाएं कहाँ से सीखी तूने, बुर्के में तो काफी शरीफ बनकर जाती है मेरी रंडी, मैंने रमेश का लंड अपने मुँह से निकाला और कहाँ…कितनी बार मैंने चाहा कि मैं तुम्हारे इस हिंदू लंड से अपनी पाकीज़ा मुस्लिम चूत को चुदवाओ मगर डर लगता था क्योंकि तुम एक हिंदू हो रमेश…यह सुनकर रमेश ने मेरे बुर्के के सारे बटन खोल दिए और मेरी कमीज को और नीचे करके मेरे दोनों मुस्लिम बूब्स को कमीज से आज़ाद कर दिया…मेरे बूब्स कमीज होने की वजह से काफी उभरे हुए नज़र आ रहे थे.. अब रमेश बारी-बारी से मेरे दोनों बूब्स के निपल्स को चूस-चूस कर गीला कर रहा था और छोड़े हुए मेरे तरफ देख कर कहता…तेरे मुस्लिम बूब्स पर मेरा थक मेरी शाबान रंडी….मेरा बुर्का खुला हुआ था…अब रमेश ने मेरी कमीज ऊपर करके मेरी सफेद पाकीजा सलवार पर से मेरी चूत पर हाथ रखा कर कहा…शबाना इज्जत शरीफ की चूत को आज क्या चाहिए? मैंने रमेश की आँखों में देखकर कहा आज अपना हिंदू पानी मेरी जवान चूत में डाल कर मेरी चूत की प्यास बुझा दो रमेश…. अब रमेश मेरी सलवार का नाड़ा अपने मुँह से खोलने लगा… और मेरी सलवार को नीचे खींच कर उतारने लगा और मेरे गोरे बदन पर मेरी लाल रंग की पैंटी को देख कर कहने लगा…आह साली छिनाल रांड तेरा फिगर तो बहुत मस्त है शबाना..रंडी इतने दिन बुरखे में छुपाया क्यों तूने मेरी जवान छिनाल….मैंने रमेश का अनकट बालों वाला काला हिंदू लंड पकड़ कर दबाते हुए कहा….आज अपने इस हिंदू लंड से शबाना इज्जत शरीफ की चूत को छोड़कर मुझे रांड बनादो रमेश….रमेश ने मेरी पैंटी पर से सहलाना शुरू किया और गंदी नजरों से मेरी तरफ देखने लगा, अब आहिस्ता से मेरी पैंटी में रमेश का काला हाथ जाने लगा। मैं गोर से देखने लगी कि एक हिंदू का हाथ मेरी पाकीज़ा चूत पर जराहा है… रमेश अब मेरा एक बोब और एक हाथ पैंटी में डाले हुए थे आहिस्ता आहिस्ता मेरी जवान पाकीज़ा चूत को अपने काले हाथों से सहलाने लगा, मैं रमेश की आँखों में देखने लगी, रमेश ने इशारे से अपने लंड की तरफ बताया और हल्के से कहा, छिनाल शबाना……,मैंने रमेश का लंड अपने हाथ में ले लिया और उसे दबाने लगी और दूसरे हाथ से रमेश के बॉल्स को सहलाने लगी, अब रमेश मेरी मुस्लिम चूत को सहलाने लगा,,, मेरी दोनों माँओं को बारी-बारी दबाते हुए मेरी कुंवारी चूत को सहलाने लगा, मेरी चूत पर जाने किसी ने अंगार रख दिया हो, रमेश का गरम हाथ मेरी मखमली चूत पर आग लगा रहा था…मैं आधी नंगी कमीज से बूब्स बाहर निकले हुए और रमेश का लंड मेरे हाथों में था…रमेश मेरी इज्जत से खेल रहा था और मैं उसके हिंदू लंड और बॉल्स से खेल रही थी…अब मेरी चूत हल्के से गीली होने लगी.. रमेश के हाथों को गीला पान लगने लगा उसने अपना गीला हाथ मेरी चूत से निकाला और मेरे बूब्स पर लगा दिया और कहने लगा…अब मैं तेरी चूत को हिंदू लंड से छोड़कर तेरी प्यास बुझाऊंगा मेरी शबाना इज्जत शरीफ रंडी…मेरा पूरा नाम जैसे मेरे बदन मैं आग लगा रहा था… मैंने भी जोश में आकर कहा… आज मैं भी अपनी शरीफ पाकीजा चूत को तुम्हारे हिंदू लंड से चुदवाकर ही सांस लुंगी रमेश… अब रमेश ने मेरी पैंटी पर से चूत को किस किया और अपने होठों से पैंटी उतारने लगा मैं रमेश की आँखों में देख रही थी और वो मुझे देखते हुए मेरी मुस्लिम चूत नंगी होती हुई दिख रही थी… मेरी चूत ऐसी नंगी हो रही थी जैसे मेरे चेहरे से नकाब उतर रहा हूँ, जैसे ही मेरी चूत पैंटी से बाहर आई रमेश ने कहा हे रा मैं क्या मस्त हूँ ये मुस्लिम चूत और मेरी पैंटी के उतारदी और अपने हिंदू होंठों पहले मेरे होंठों पर लगाया और होंठों पर लगाए कहा…. मेरी रंडी शबाना तेरे चूत के होंठों को भी ऐसे ही चूसती हूँ और कहती हूँ मेरे बूब्स के बीच से अपनी ज़बान चूत की तरफ ले जाने लगा…..Muslim sex story
मैं, मैं अभी भी कमीज पहनी हुई थी मगर बूब्स बाहर थे अब रमेश ने मेरी कमीज को ऊपर करके मेरा पेठ भी नंगा कर दिया, मैंने कहा रमेश मेरी कमीज भी उतार दो लेकिन वो मेरी चूत की तरफ चला गया और मेरी चूत पर अपने हिंदू होठों से फ्रेंच किस करने लगा…अब मेरी चूत पर रमेश के होठों की आग थी। मैं सिसकियाँ भरते हुए रमेश के सर को सहलाने लगी और और पाकीज़ा चूत पर रमेश का सर दबाने लगी…मेरी चूत पर रमेश ठोकने लगा और ज़ोर ज़ोर से चूत को चोस्ता जराहा था मैं नशे में जैसे उसका सर दबाया था और कहराही थी..आज मेरे रमेश चोस कर ही बच्चा पैदा करोगे क्या मेरे हिंदू राजा, अपने जवान काले लंड से भी तो छोड़ो अब बर्दाश्त नहीं होता…रमेश ने मेरी एमएसएलएम चूत से अपने होंट निकाले और मेरे होठों में दे दिया मैं रमेश के होठों को ज़ोर ज़ोर से चुनने लगी। नीचे से रमेश का अनकट हिंदू लंड मेरी चूत पर बार-बार लग कर दस्तक दे रहा था…शाएद उसका लंड कहराहा था कि अब रंडी बनने का वक़्त आ गया और और उसके लंड के बाल जब मेरी जान को चूत तो अजीब सा लग रहा था…अब रमेश ने मेरे बुर्के को उतार कर चादर बना दी और ऊपर लिटा दिया और मेरी कमीज उतार कर मेरी जवान जिस्म को नंगा कर दिया…अब मैं रमेश के सामने बिल्कुल नंगी लेती थी…अब रमेश मेरी दोनों पैरों के बीच अपना लंड सहलाता हुआ घुटने से बैठ गया और मेरी तरफ देख कर बोला…बनेगी मेरे हिंदू लंड की रांड मेरी शबाना? रमेश का लंड देखकर मेरे मुंह में पानी आ रहा था मेरी चूत जैसे खुल कर उसका लंड लेना चाहती थी…मैंने अपनी दोनों टांगे फैलाते हुए कहा…आज हिंदू लंड से मेरी मुस्लिम चूत का दरवाजा तोड़ दो और मेरे गोरे जवान बदन से अपने हिंदू बदन को फूल की तरह खिला दो…रमेश ने मेरी मेहंदी से भरा हाथ पकड़ा और उसे किस करके मेरे हाथ में अपना 8 इंच काला लंड दे दिया और मेरे ऊपर आ गया…मैं रमेश का लंड अपने हाथ में लेकर अपनी कुंवारी जवान मुस्लिम चूत जो हमेशा बुरके में रहती थी उसका रास्ता बताने लगी…रमेश का लंड मेरे हाथ में फूल रहा था और चूत के चारों ओर गिर्द जैसी जगह ढूँढ़ता हूँ, अब मैंने अपनी चूत के दरवाजे पर रमेश का बालों से भरा अनकट लंड जमाया और रमेश को देख कर कहा…शबाना इज्जत शरीफ की पाकीजा मुस्लिम चूत के दरवाजे पर तुम्हारा अनकट हिंदू बालों वाले काले लंड का सुपारा तैयार है रमेश…रमेश मेरी आँखों में भूखे कुत्ते की तरह देखते हुए अपने लंड का सुपारा मेरी पाकीज़गी में घुसने लगा…मैं भी आँखों में देखते हुए उसके हिंदू लंड के सुपारे को अंदर लेने की ख्वाहिश बताती थी…रमेश का लंड थोड़ा थोड़ा करके मेरी इज्जत को छोड़ा था…मैं रमेश के पीठ पर अब अपने हाथ से उसके जिस्म को अपनी तरफ खिंच रही थी…रमेश का आधा काला लंड मेरी गोरी मुस्लिम चूत में था और वो मेरी आँखों में मसलसिल देख रहा था और मैं उसके हिंदू लंड को अपनी चूत में लेते हुए अपने चेहरे से ज़ाहिर कर रही थी कि और डालो अपना लंड और मेरी चूत के आंसू अपने हिंदू बाल लगा दो…आधे लंड के बाद जाने रमेश को कुछ महसूस हुआ,, उफ खुदा यह मेरी चूत का इज्जत वाला दरवाजा था जिस पर हिंदू रमेश का काला अनकट लंड आकर रुक गया…पहले रमेश समझ नहीं पाया फिर मेरी आँखों में देखा, मैं थोड़ा शरमाने लगी.. और वो भी मुस्कुराने लगा.. अब रमेश का लंड मेरी मसल्स चूत के दरवाजे को तोड़ने वाला था.. मैं भी तैयार थी… रमेश ने अपना लंड किसी कदर थोड़ा सा पीछे किया और मेरी आँख मिलते हुए कहाँ…. छिनाल रांड आज मैं तेरी चूत का भोसड़ा बना दूंगा… मैं भी रमेश के लंड के जज़्बे भरे झटके का इंतज़ार करते बोली… तोड़ डालो मेरी इज्जत वाली चूत का दरवाजा रमेश… रमेश के चेहरे पर ऐसा लगा कि जैसे वो कोई बड़ा वज़न उठा हो… फिर मेरी आँखों में घूरते हुए रमेश ने एक ज़ोर दार झटका लगाया और मेरी चूत के दरवाजे को तोड़ता हुआ मेरी चूत की आखिरी हद तक दाखिल हो गया और अपने हिंदू लंड के बालों से मेरी चूत को धंक लिया..मेरे मुँह से एक ज़ोर की हिचकी निकली और मेरे मुँह से निकला… हाय अल्लाह.. उफ्फ रमेश… रमेश ने मेरी आवाज़ में अपनी आवाज़ मिलते हुए कहा… साली रांड तेरी चूत में मेरा हिंदू लंड… रमेश का करारा झटका जानो मेरा जिस्म उसके हिंदू लंड के नीचे पीसा जराहा है.. मैं उसके झटके से बेहाल थी.. मैंने अपने हाथ रमेश की पीठ से हटाए और रमेश के दोनों कूल्हों को पकड़ कर कहा… अभी कुछ देर ऐसे ही रहो मेरे हिंदू राजा… अब हिंदू नंगे बदन मेरे जवान खूबसूरत नंगे बदन पर था मेरे बड़े बड़े गोल कुंवारी बूब्स रमेश के सीने से दब रहे थे… रमेश ने अपनी ज़बान निकाले और मेरे होठों में दे दी.. मैं रमेश का लंड अपनी चूत में लिए हुए उसकी ज़बान चुनने लगी और साथ ही साथ उसके चूत दबाने लगी.. रमेश अब थोड़ा सा ऊपर उठा.. और मेरे बूब्स से उसका सीना थोड़ा सा अलग किया… उफ़ खुदा.. मैंने अब अपनी चूत में रमेश के लंड को देखा हो.. सारा लंड मेरी चूत में था और मैं बालों को अपनी चूत पर देखकर हल्के से मुस्कुराने लगी…मैं अभी गोर से अपनी चूत में घुसे हुए काले लंड को देख ही रही थी कि रमेश ने ज़ोर लगाकर शरारत से मेरी चूत पर अपने लंड का ज़ोर लगाया और मेरी चूत को अपने लंड के आस-पास के घोसले से दबाने लगा…..मैंने रमेश के चूत दबाते हुए कहाँ.. क्योंएन जनाब कैसी लगी मेरी चूत की आरामगाह आपके इस जवान हिंदू लंड को? रमेश ने अपने लंड का ज़ोर कैसा और कहाँ…तेरी मस्त जवान मुस्लिम चूत में मेरे हिंदू लंड की ही जगह है मेरी रंडी रानी…और कहता हुआ मेरी चूत से आधा लंड निकला और फिर झटके से अंदर किया… अब दूसरे झटके से मैंने बेखौफ होकर कहा…तो अब इंतज़ार किस बात का है हिंदू लंड को… दरवाजा तो टूट चुका है अब आना जाना जारी रखो मेरे राजा और मैं रमेश के कूल्हों को दबाने लगी.. रमेश अब मेरी टाइट चूत में अपना मोटा काला मूसल जैसा हिंदू लंड छोड़ने लगा और मेरी चूत के शरीफ होठों को खोल कर अपना लंड अंदर बाहर करने लगा….मैं मज़े से उसके लंड को खुश आमदीद कहती हुई अपनी चूत के पाकीज़ा होठों से चूसने लगी..रमेश के लगातार झटके मेरी चूत की इज्जत की धज्जियां बिखर रहे थे…रमेश अब पूरे जोश में मेरे बूब्स चूसने लगा और लगातार अपने झटके लगाने लगा…मैं भी अपनी जवान चूत को उसके कड़क काले लंड के हवाले करके मज़े ले रही थी…मुझे बेटीहाशा छोड़ते हुए उसके मुँह से गलियां निकलने लगी….साली शबाना रंडी ले मेरा लंड अपनी चूत में और ले साली छिनाल…..मैं भी चुदते हुए कहती रही.. आह छोड़ो मेरी चूत को अपने काले लंड से रमेश… फाड़ डालो मेरी चूत को… कम्बख्त जवानी में बुर्का भी पहनना पढ़ता है रमेश… आज नंगी हूँ और छोड़ो मेरी जान, अपनी जवानी का सारा पानी मेरी जवान पाकीज़ा चूत में डाल दो मेरे राजाआआ…मेरी बताउ से रमेश का ज़ोर बढ़ता जराहा था और वो मुझे एक बाज़ारू औरत की तरह छोड़ा था… अचानक मुझे महसूस हुआ कि एक अजीब सा मेरी चूत में हुआ है… है खुदा यह तो रमेश के हिंदू लंड का पानी था…रमेश ने अपने होठों पर मेरी जवानी के स्तन से हटाया और मेरी आँखों में देखने लगा… और गुस्से के झटके देने लगा। मैंने भी उसकी आँखों में देख कर इकरार किया कि मैं भी यही चाहती थी कि काले लंड का पानी मेरी कुंवारी मुस्लिम चूत में हो…मानो मेरी चूत की प्यास रमेश ने अपने हिंदू लंड के पानी से भरी… मैंने अपनी दोनों टांगे रमेश के हिप्स पर लेकर उसका सारा पानी अपनी पाकीज़ा चूत में ले लिया और रमेश अपना सीना मेरे बूब्स पर दबाता हुआ मेरे जिस्म से लिपट गया…हाय अल्लाह… मैं अजीब सा एहसास कर रही थी.. अब रमेश का सारा पानी निकल चुका था और वो मेरे जिस्म के ऊपर ठंडा हो गया और मैं उसके चूत पर हल्के से हाथ फेर रही थी रमेश ने कहा… अब तेरी मुस्लिम चूत पूरी तरह से आज़ाद है शबाना इज्जत शरीफ… आज मेरे लंड ने तेरी पकिज़गी को छोड़कर तुझे रांड बना दिया… मैंने रमेश का चूतड़ शरत से दबाया और कहाँ… आपके लंड को मेरा सलाम मेरे हिंदू राजा जिसने मेरी इज्जत को अपने हिंदू जज़्बे से छोड़ कर मुझे मज़े दिए.. अब रमेश उठा और मेरी चूत से लंड निकाला.. मैंने रमेश का लंड अपने बुरके के नकाब से साफ किया और रमेश के अनकट काले बालों वाले लंड के अपने होठों से किस किया… मैं भी कपड़े पहनने लगी.. रमेश मेरी जिस्म को देखता हुआ कपड़े पहन रहा था…दोनों ने कपड़े पहने…रमेश ने मेरा बुर्का उठाया और मुझे दिया.. और मेरे हाथ से मेरा नकाब लेकर कहा.. ये निशानी है मेरे पास के तुमने मेरा लंड चूसा है.. और अपनी जेब में रखलिया…अचानक किसी ने लगाया के मुझे पुकारा..मैंने जल्दी से रमेश को कहा के अब मुझे इजाजत दो.. और मैंने झुक कर रमेश को सलाम किया और रमेश ने मेरा सर थोड़ा सा झुका कर अपनी पैंट पर लेगया.. उसकी पैंट पर से उसके लंड को किस किया…रमेश ने फिर मेरा एक बूब और चूत पकड़कर मुझे किस किया और जाते हुए कहा… अपनी चूत का ख्याल रखना.. मैंने भी अपनी कमीज उठा कर सलवार के ऊपर से चूत पर हाथ रखा और कहा…तुम्हारी अमानत है रमेश.. जैसे चाहो इस्तमाल करो मेरे हिंदू चुदक्कड़.. जाते जाते रमेश ने हाथों से चुदाई का इशारा किया और मैं हंसते हुए सीढ़ियां का दरवाजा खोलते हुए नीचे चली गई…Desi Antarvasna Kahani