सब हिंदू कटर चुदक्कड़ौ को शबाना इज्जत शरीफ का प्यार भरा मुस्लिम सलाम, मैं एक मोलवी की बीवी हूं, उम्र 28, बुर्के में छुपा हुआ जवान मुस्लिम बदन का फिगर 36 उभरी हुई चुचिया, 28 की मस्तानी कमर, और 38 की मचलती हुई गांड।
काफी दिन से मैं बाहर नहीं गई थी Begum Shabana Chudi Hindi Lund Seएक दिन शोहर मोलवी असलम इज्जत शरीफ के साथ किताबें लेने के लिए बाजार गई, बुक स्टॉल में जाते ही मैं किताबें देखने लगी कुछ उर्दू किताबें लेकर मैं दुकान मालिक के पास पहुंचती हूँ जहाँ मेरे शोहर असलम शरीफ खड़े हुए इंतजार कर रहे थे.. बेगम ले ली आपने किताबें, मैंने किताब शोहर को दी उन्होंने दुकान मालिक को बताया. मिया कितनी की है उसने पैसे बताए लेकिन शोहर मोलवी असलम शरीफ तकरार करने लगे कि ये तो कम दाम की है, आहिस्ता आहिस्ता दोनों ने पैसों का झगड़ा शुरू कर दिया, अब मैं शोहर को समझाने लगी के जाने दे अगर वो नहीं मानता है तो हम दूसरी दुकान से ले ले लेकिन वो झगड़ा शदीद इस बात का था जब मैं दुकान में खरीदारी कर रही थी तो दुकान मालिक मेरे बुर्के से उभरे 36 की मुस्लिम चूचिया और 38 की मज़हबी गांड को मज़े लेकर देख रहा था। अब दुकान मालिक काउंटर छोड़कर बाहर आ गया और दोनों एक दूसरे को धक्का देने लगे लेकिन वो दुकान काफी तगड़ा था उसने शोहर मोलवी असलम को इतना ज़ोर से धक्का दिया कि वो ज़मीन पर गिर गए मैं बीच में आ गई वो फिर से शोहर को मरने के लिए आगे बढ़ा और मेरे मुस्लिम जिस्म से टकराया, मैं बीच में होने की वजह से कई बार मेरे उभरे हुए बुर्खे में छुपे मुस्लिम गोल मखमली चुचिया उस दुकान से कई बार टक्कर कर दब गए..फिर मैंने मिन्नते की तब जाकर दुकानदार ने कहा, ले जा साले को वरना इसकी गांड पर इतना मरूंगा के साला फिर पायजामा कभी नहीं पहन सकते, मैं शोहर मोलवी अलसम को गुस्सा करते हुए बाहर ले जाने लगी जैसे ही दरवाजे से उनको बाहर किया और मैं भी बाहर जाने वाली थी दुकानदार ने ज़ोर से मेरे मुस्लिम चूहे को दबा दिया,,, उफ्फ अल्लाह… .. मेरे मम्मी से निकला और मैं बाहर आई और हिजाबी आँखों से पलट कर दुकानदार को देखा और शोहर को लेकर चली गई।
दो हफ़्ते गुज़रे थे की सुबह सुबह घंटियों की आवाज़ आने लगी, मेरी भी आँख खुल गई और मोलवी गुस्से से भौंक कर बोले, जाने कौन कम्बख्त हिंदू है की सुबह सुबह मेरी नींद खराब कर रहे हैं..मैं उठी और चाट पर जाकर सूखे कपड़े निकालने लगी..अचानक मेरी नज़र सामने खिड़की पर पढ़ी, अरे ये क्या इस सामने वाले ऊपर के कमरे में तो कोई नहीं रहता था अब ये कौन,,,एक हिंदू मर्द बदन पर धागा बांधे सिर्फ धोती पहने मेरी तरफ पीठ किए हुए हनुमान की मूर्ति की पूजा कर रहा था…मैं कुछ देर खड़े होकर कपड़े निकालते हुए उसे देखने लगी, लेकिन जब वो मेरी तरफ पलटा तो बालत की कोई इंतेहा नहीं थी,, यह तो वही दुकान थी जिसने मोलवी असलम के साथ झगड़ा किया था और मेरे मुस्लिम चूहे को गुस्से से दबाया था, मैं उसे देखता ही उसने अपनी हाथ में रखी हुई थाली को मेरी तरफ बढ़ाया मैं घबरा कर जल्दी से नीचे आ गई, उधर देखा शोहर असलम सो रहे हैं, मैं परेशान थी कि फिर यह मोलवी कम्बख्त उससे झगड़ा न शुरू कर दे।
दोपहर को मैं शोहर के साथ बुर्का पहनकर बाहर निकली के बाज़ू के दरवाज़े से वो दुकान भी बाहर निकली और मोलवी ने उसे देखते ही नज़र फेर ली। मैंने सोंचा चलो बाला ताली के दोनों ने झगड़ा नहीं किया और वो हिंदू बाइक स्टार्ट करके जाने लगा, लेकिन जाते जाते उस कतर हिंदू मर्द ने मेरी तरफ देखकर मुझसे किस किया और हँसता हुआ चलता गया…उफ़्फ़ अल्लाह अब ये क्या..मैं समझ ही नहीं पाई कि उसने ऐसा क्यों किया..
कुछ दिन गुज़रे के ईद आ गई। सुबह सुबह मैं ऊपर गई और कपड़े निकालने के लिए जल्दी से काम हो जाए शीरखोरमा और खाना वगैरह बना लूं…जैसे ही मैं ऊपर गई सामने कतरन हिंदू मर्द पूजा कर रहा था, वही पीठ मेरी तरफ..मुझे जल्दी थी लेकिन फिर भी जाने क्यों मैंने जल्दी नहीं कि और उसे देखते हुए कपड़े निकालने लगी…कुछ लम्हे बाद जब वो पतला जो मेरी मुस्लिम इज्जत वाली चोट के तो होश उड़ गए…वो पूजा नहीं कर पाए मेरा इंतजार कर रहा था..हाथ में थाली और धोती से कतरन हिंदू लंड बाहर खड़ा कर रहा था, वो खड़े लंड को लेकर खिड़की के पास आया और मुस्कुराए हुए कहाँ ईद मुबारक, मेरी मुस्लिम भूखी चोट जिसकी प्यास मोलवी के छोटे लंड से नहीं बुझती थी,, हिंदू के खड़े बड़े काले अनकट कटर लंड को देख कर जोश खाने लगी, मैंने शर्मीले अंदाज़ में उसके लंड को एक बार देख कर अपनी नज़र नीचे करली और कहा..आपको भी बहुत बहुत ईद मुबारक, उसने लंड को पकड़ कर कहा, आज दूध का शीर्खुमा नहीं पिलाओगी मुझे.. मैंने शरारती अंदाज़ में ताना मरते हुए कहाँ आप मेहमान बनकर आओ फिर पिला दूँगी, घमंडी है आप और आपका खड़ा हुआ यह मसल जैसा मोटा,,,हाय अल्लाह..मैं इतना बोलकर हंसते हुए नीचे भाग गई..
मैं नीचे आई मोलवी शोहर नहाकर तैयारी कर रहा था, बेगम शबाना जल्दी से टोपी वगैरह दे दो नमाज़ जाकर आता हूँ, मैंने टोपी दी वो बाहर चला गया और मैं जाते ही ऊपर भाग कर चली गई। लेकिन वो हिंदू ऊपर नहीं था, फिर मैं नीचे आ गई और शेरखुमा खाना वैगैरह बना लिया कुछ देर बाद मोलवी साहब की आवाज़ बाहर से आने लगी शएद किसी से बात कर रहे थे.. मैं बाहर गई और पर्दा हटाकर देखा ये क्या वो हिंदू मेरे शोहर मोलवी साहब से बात कर रहा था..दोनों हंसकर बात…ये क्या माजरा है, मोलवी शोहर की पीठ मेरी तरफ थी, मैं पीछे से जैसे ही आई मोलवी साहब ने कहा, बेगम देखो बलराम ने पहली की बात कु भुला दिया आज ईद के दिन हमारा झगड़ा खत्म, वो शरारती अंदाज़ में आगे बढ़ा और शोहर मौलवी से कहा, अब तो गले मिल लो मौलवी साहब और गले मिलते ही उसने मुझे देखकर आँख मारी और अपना हाथ आगे बढ़ाकर मेरी मुस्लिम इज्जत वाली चूची को नीचे से हल्के से मार कर उछाला, और इशारे से उसने आँखें चढ़ाई, मैं समझ गई कि जो ताना मैंने मारा था ये उसका जवाब है..उफ़ हिंदू मर्द कटर मर्दाना, मैं हँसते हुए उसे देखकर अंदर चली गई, दोनों अंदर आए और वो भी आकर बैठ गया, बेगम शबाना बलराम और हमारे लिए शीरखुमा लाओ भाई,
मैंने भी ओढ़नी सर पर डाली लेकिन एक उभरे हुए मुस्लिम मुम्मे का नज़र खुला रहने दिया, शीरखुमा मैंने डाल कर पहले शोहर को दिया फिर बलराम हिंदू कटर को शीरखुमा डालते हुए चोर नज़र वाले अंदाज़ में मैंने उसे देखा, उसने मेरी झुकी हुई मज़हबी चूची को देखा और अपनी ज़बान शरारत से बाहर निकाला, मैंने दांतों में अपने होंट दबाए और उसको अपना शरारती गुस्सा बताया। वो थोड़ा हंसा और मोलवी की तरफ देखकर बोला क्या मोलवी साहब आप तो शीरखुमा पीने में मसरूफ होंगे, वैसे आपके पास का ये दूधवाला शीरखुमा तो राम कसम बहुत मजेदार है, मैं रसोई में जाकर परदे के पीछे से थोड़ा पर्दा हटाकर मोलवी असलम के पीछे से झांकते हुए बलराम को देखने लगी, हाँ मियाँ हमारे यहाँ तो ईद का शेरखुमा माशाल्लाह मशहूर है, हाँ हाँ मोलवी साहब, बलराम ने बात मिलते हुए कहा,, ऐसी कहा आपने ईद के दिन मुस्लिम घरौंदे में ताज़े दूध को सजाकर उस पर लाल रंग की स्ट्रॉबेरी सजाकर पेश करते हैं और मेरी तरफ देखा और हस दिया मोलवी ने बात काट कर कहा, अरे मियां वो स्ट्रॉबेरी नहीं वो तो खजूर होता है काला वाला, बलराम ने मोलवी के ऊपर मन ही मन में हंसे हुए कहा, हाँ हाँ वही, फिर मोलवी ने कहा के चलो खुदा ने आपको हिदायत दी के आप और हम आज ईद के दिन मिलवाएं, बलराम ने कहा ऐसी कहा आपने मैंने आज सुबह सुबह ईद का चाँद देखा फिर मैंने फैसला किया के आज झगड़ा खत्म और देखिये मैं आ गया आपके घर का ये मजेदार दूधवाला शेखुमा पीने के लिए मोलवी साहब, और मैं अपने ही आप में हंसे हुए चली गई। वो कुछ देर बैठा और चला गया..कुछ देर बाद दोस्त वो अहबाब मिलने आए और दोपहर तक काफी व्यस्त रहा घर, अब सुबह जा चुके थे, मोलवी गले मिलते-मिलते थक चुका था, अब वो कमरे में जाकर लेट गया और कुछ ही देर में खर्राटे भरने शुरू हो गए, मैं आज बहुत हसीन लग रही थी,, हाथ में मेहंदी लाल रंग का जोड़ा और हसीन मुस्लिम अदाएं,,
बलराम की आज की हरकत ने मेरी मुस्लिम चोट को जोश दे रखा था, मैं जल्दी से ऊपर जाने लगी,,हाय अल्लाह ये क्या,, वो तो पहले से ही मेरे घर की ऊपर वाली सीढ़ियों पर बैठा हुआ था, मैंने कहा जनाब पहले से मौका है बड़े बेकरार लग रहे हो, बलराम हिंदू मर्द ने मेरा हाथ पकड़ा और मुझे ज़ोर से अपनी तरफ खींचा, मैं बल कह कर बलराम की हिंदू देवी में जा गिरी,उफ़ बलराम की हिंदू सांसे मेरी मुस्लिम कानों में थी, मैंने शर्मिले अंदाज़ में बलराम की आँखों में देखा, उसने हल्के सी हँसी के साथ कहा, तेरे मोलवी की तो खैर नहीं है आज,मैंने हल्के से शरारती अंदाज़ में बलराम के सीने पर मार कर कहा,क्या मतलब आपका बलराम,,, साला हरामी मुझसे झगड़ा करता है,आज उसका बदला मैं तेरी इज्जत भरी मुस्लिम चूत को छोड़ कर लूंगा,,मैं हँसी और कहाँ पहले ज़रा शीरखुमा तो ले आऊँ,तुम्हें जो ताना मारा था मैंने,तुम्हारी मर्दंगी को पीला ही दूँगी शीरखुमा,,मैं बलराम की हिंदू देवी से उठी और नीचे जाकर देखा,मोलवी के खराटे अभी भी उंगलियों पर थे,मैंने शीरखुमा कटोरे में डाला और ऊपर सीढ़ियों पर जाकर बलराम की हिंदू देवी में गांड टीका कर बैठ गई,अल्लाह जी,, ये क्या है,,,वो ज़ोर से हँसा,,तेरी मुस्लिम गांड और मेरा हिंदू अनकट कटर लौड़ा है शबाना राँड,,मैं झाट से शीरखुमा बलराम के मु में डाला और कहा,कटर हिंदू पुजारी बलराम लो पियो अब, बलराम ने शीरखुमा मेरी मुस्लिम चुचियों पर थूक दिया और कहा, राँड क्या अब मेरे मु में ही डालती रहेगी तेरा दूध और कहते हुए उसने अपने कटर हिंदू त्रिशूल को पैंट से बाहर निकाला और मुझे गोदी से उठा कर सीधी पर बिठा दिया और कटोरा लेकर मेरे सामने नंगा हिंदू कटर लंड लेकर खड़ा हो गया। उसने चम्मच निकाला और बाज़ू रख दी और शीरखुमे में अपना कटर हिंदू लंड डाल दिया, है तौबा यह क्या कर्र…अभी बोल ही रही थी कि बलराम ने अपने लंड को शीरखुमे में भेजो और मेरे मुस्लिम मु में डाल दिया, पहली बार हिंदू लंड से कुछ पीराही थी मैं, मैंने मुस्लिम अंदाज़ में बलराम के लंड से शीरखुमा चोसा और फिर पीते हुए कहा…शीरखुमे से ज़्यादा तो शीरखुमे का भूत मज़ेदार है, बलराम ने हँसते हुए फिर से लंड को कटोरे में डाला और मेरी आँखों पर लगाया फिर गलाउ पर फिर होठों पर, मेरे मुस्लिम चेहरे को बलराम ने अपना कटर हिंदू लूण के शीर्ष से भीगो दिया,
अब बलराम ने मुझे अपनी हिंदू बनहौ में उठाया और नीचे ले गया, उसने मुझे सोते हुए शोहर मोलवी अलसम के सामने लेकर खड़ा कर दिया, उफ़ खुदा, मेरे शोहर सामने सोराहे हैं और मैं ईद के दिन सजी धाजी एक कटर हिंदू मर्द जिसने अपना अनकट काला मोटा हिंदू लंड पैंट से निकाल कर खड़ा किया हुआ है उसके साथ चिपकी हुई हूँ, बलराम ने मेरी कमीज को नीचे किया और हाथ डालकर मेरी इमानी गोल खूबसूरत बड़े बड़े मुस्लिम चुचियों को बाहर निकाला, और फिर मेरी कमीज ऊपर उठाकर मेरी सलवार का नाड़ा खोल दिया मेरी मुस्लिम इज्जत वाली सलवार मेरे सोते हुए शोहर के सामने गिर गई, बलराम ने मेरी दोनों मुस्लिम चूचियां पकड़कर आहिस्ता से मुझे अपनी तरफ खिंचा और कान में कहा,,तूने जो ताना मारा था ना देख अब तेरे ही घर में तेरे ही कटवे मुल्ले के सामने, हमेशा बुर्के में छुपे रहने वाले तेरे मुस्लिम बदन को मैंने नंगा कर दिया, और फिर मेरे कंधे पर दोनों हाथ रखकर मुझे नीचे बिठा दिया। और लंड को मेरे मुस्लिम चेहरे के आस-पास फेरने लगा, मैंने हल्के से सामने हुए अंदाज़ में शोहर की तरफ देखा और बलराम का हिंदू कड़क गदाधारी लंड अपनी मुंडी में ले लिया और आहिस्ता-आहिस्ता चूसने लगी, खुली मुस्लिम चुचिया और बिना सलवार में शोहर मोलवी असलम शरीफ के सामने जो खराटे भरी नींद सोराहा था बलराम का हिंदू लंड चौसराही थी कभी मैं शोहर को देखती कभी बलराम के हिंदू लंड को चुने हुए बलराम की आँखों में देखती, जब भी बलराम की आँखों में देखती, वो कहता, रंडी मुल्लानी, हिजाबी रंडी, कभी छिनाल कहता हुआ अपने लंड को मेरे मुस्लिम मुसलिम मुसलिम में घुस देताMuslim sex story
बलराम ने अब मुझे पकड़ कर उठाया और मेरी कमीज को ऊपर से उतारा, पैंटी को पहले तो हाथ से आधा उतारा, फिर अपने पैर से मेरी मुस्लिम पैंटी को नीचे कर दिया और पीछे से मेरी ब्रा का हुक खोला और उसने सामने मेरे दोनों मुस्लिम चूचियों को पकड़ा और मेरी ब्रा को ज़ोर से खींचा,,मेरे मूं से हल्के से निकला, उफ़ अल्लाह मरगाई, बलराम ने मुझे इशारा किया उसे नंगा करने का,, मैंने उसकी शर्ट के बटन खोले और शर्ट उतार दी,, फिर नंगी बैठ कर उसकी पैंट खोली, अब बलराम का हिंदू नंगा बदन और मेरा मुस्लिम इमानी बदन नंगा था, मैं बलराम के सख़्त कटर हिंदू बदन को अपने मुस्लिम दूध से सहलाने लगी, मेरे मुस्लिम हिजाबी चुचिया कभी बलराम के हिंदू लंड को दबाती कभी उसके सीने को कुछ देर उसने मेरी मुस्लिम चुचियों को शोहर मोलवी असलम के सामने ही चोसा और फिर इशारों से बाहर चलने को कहा, मैं बाहर जराही थी कि उसने मेरे मुस्लिम चूतरे को पकड़ लिया मैंने पलट कर इशारों से पूछा क्या हुआ, कान के पास आकर बलराम ने कहा, साली शबाना रांड मुल्लानी तेरी चूत का भोसड़ा साली, कटेले की बीवी, हाथ में लौड़ा पकड़ फिर बाहर चल हिजाबी कुटिया,, मैं नंगी हिंदू बलराम का कटर अनकट बड़ा काला लंड पकड़ कर कमरे से बाहर आ गई, बाहर आते ही बलराम ने आहिस्ता से कमरे का दरवाजा बंद कर दिया और बाहर से कुंडी लगा दी, फिर बलराम ने मेरी मुस्लिम चूची पकड़ी और मुझे दूसरे हॉल में लगाया, मैं भी हिंदू बलराम के हिंदू लंड को लगातार पकड़ी हुई थी और दबाराही थी,
दूसरे हॉल में जाते ही उसने ज़ोर से मेरी चूत दबाई और कहा, साली हिजाबी रंडी तेरी रंडी चूत का चाँद आज ईद के दिन कतर हिंदू पुजारी लंड से चोदूंगा,, और कहता हुआ मुझे बिस्तर पर फेंक दिया, और मेरे दोनों मुस्लिम पैर खोल दिए, मेरी महजबी चूत का दरवाजा और कड़क हिंदू लंड आस-पास आने लगे, बलराम ने मेरी चूत के छेद पर अपना हिंदू लंड रखा और एक ज़ोर के झटके में सारा गदाधारी हिंदू त्रिशूल लंड मेरी मुस्लिम इज्जत वाली चूत में घुसा दिया, मेरे मुझसे एक चीख निकली,,, मरगाईअल्लाह,,,शोहर मोलवी के खर्राटों की आवाज़ कुछ कम हुई बलराम मेरी चूत के अंदर अपने लंड को दाखिल करके रुक गया, मेरी आँखें फट गई थी और मैं खुला हुआ था,, कुछ देर हम दोनों रुक गए, फिर 2 लम्हे बाद खर्राटों की आवाज़ आने लगी, मैंने बलराम की आँखों में देखा और कहा, कटेले की मुस्लिम बीवी की इज्जत वाली चूत में आपके हिंदू लंड को मैं सलाम करती हूँ,, उफ़ अल्लाह मेरी हिंदू कसम हिंदू पिया बलराम जानू मेरी कुटिया बनी हिजाबी रंडी चूत को छोड़ो मेरे हिंदू पुजारी पिया,
बलराम ने मेरी मुस्लिम चूचिया हाथ में पकड़ी और मेरे मुस्लिम होठों में अपने होठों को डाले और चूत में हुए अपने हिंदू अनकट कटर त्रिशूल जैसे लंड को मेरी मुस्लिम चूत में छोड़ने लगा। उसका काला बड़ा मोटा अनकट हिंदू लंड मेरी मुस्लिमा इज्जत वाली चूत के होठों को चीरते हुए अंदर बाहर होराहा था,मैंने अपने मुस्लिम हाथों से बलराम के हिंदू चूत दबाए हुए थे और मैं हिंदू बलराम के नीचे बुरी तरह छुड़ाई हुई थी,,बलराम ने होठों से होंत अलग किए और मेरी आँखों में देखा अपना कटर हिंदू लंड आधा बाहर निकला और कहाँ, साली रंडी, हरामी मुल्ले कटवे की हिजाबी बीवी, तेरी मुस्लिम चूत का भोसड़ा..कहता हुआ मेरे होठों में फिर से होंत रख कर ज़ोर के झटके मेरी मुस्लिमा चूत में मारने लगा, मेरे दोनों पैर हवा में खुले हुए थे, मेरे गोरे मज़हबी बदन पर मानो जैसे बलराम का हिंदू सांवला बदन हुकूमत कर रहा था, उसके चूतरे मेरी मुस्लिम चूत छोड़ने के वक़्त कभी उभरते मेरे हाथों में कभी जब वो पूरा हिंदू लंड मेरी चूत में डालता तो सुकड़ जाते, उधर मोलवी के खराबी की आवाज़ इधर हिंदू बलराम और मेरी चूत की चुदाई की आवाज़।
फिर बलराम ने मेरी चूत में मसल्सल झटके मारते हुए मुझसे कहा, अब तैयार हो जा रंडी छिनाल, तेरी मज़हबी इमानी चूत में हिंदू लंड का पानी गिरने वाला है, मैंने भी दोनों पैर और खोले और हिंदू बलराम की आँखों में देखने लगी, वो मेरी आँखों में देख कर मेरी मुस्लिमा चूत में अपने कटर लंड को ज़ोर ज़ोर के झटके मारने लगा, अब बलराम का छाहरा हल्का सा लाल होने लगा और वो कुछ घुसेले अंदाज़ में मेरी आँखों में देखने लगा, मैंने उसकी आँखों में देखते हुए अपनी मुस्लिमा चूत को उससे चिपकाने की कोशिश की,,,,,,राआआंद मुल्लानी,,,,, साली कटीली छिनाल, मोलवी की रांड बीवी, तेरी मुस्लिमा चूत का मुस्लिम भोसड़ा शबाना मुस्लिमा..ले साली अपनी मज़हबी चूत में मेरा पानी भोसड़ी की…कहता हुआ झटकाऊ से मेरी हिजाबी मुस्लिमा इमानी चूत में अपना पानी डालने लगा… उफ़ मेरी मुस्लिम चूत में पहली बार इतना गीला पान महसूस हुआ, सारा पानी मेरी मुस्लिम चूत में था और एक आखिरी झटके के साथ वो मेरी मुस्लिम चूचियां अपने सीने से दबाते हुए मेरे मुस्लिम जिस्म पर ले गया।
फिर कुछ देर मेरी चूत में अपने कतरे लंड को आराम देकर उसने बाहर निकाला और मेरे ऊपर ही लेता रहा, मेरे सुर्ख गुलाबी होंठों में अपने सप्त होंत डाल कर चुनने लगा, मेरा पूरा गोरा पाक मुस्लिम बदन बलराम के हिंदू सप्त सांवले बदन के नीचे दबा हुआ था..फिर दोनों ने कपड़े पहने और मैं अपने खुले हुए बाल बांधने लगी के बलराम ने मेरे मुस्लिम हिलते झूलते मुस्लिम चुचिया पकड़ कर आहिस्ता से दबाने लगा फिर बलराम ने कहा, शबाना बेगम अब ज़रा तेरे मोलवी का लंड कितना बड़ा है मुझे भी बता..मैं बाल बांधते बांधते रुक गई…बलराम की बात सुनकर मैं हँसी और बाल बांधे और अपनी कमीज सीधी की लेकिन मेरी कमीज पर हिंदू हाथों की सिलवाते पढ़ चुकी थी..मैं शोहर मोलवी असलम के पास पहुंचती हूँ उधर बलराम ने दरवाजा थोड़ा सा बंद किया और उसमें से झांकने लगा, मैंने आहिस्ता से मोलवी शोहर का पायजामा खोलने लगी लेकिन उसने अंदर चड्ढी नहीं पहनी थी मैंने आहिस्ता से पायजामा खींचकर नीचे कर दिया और इशारे से बलराम को बुलाया..बलराम आया और आते ही उसने मुझे देखकर ज़ोर से हंसना चाहा लेकिन मैंने मु पर हाथ रख दिया…मैं शर्म से पानी पानी हो गई क्योंकि शोहर असलम की लुल्ली चोटी होने की वजह से ठीक से नज़र भी नहीं आ रही थी..और जब खड़ी होगी तो 3 इंच की होती थी…मेरे मु से हाथ हटाकर बलराम ने अपने हिंदू बड़े कड़क मूसल जैसे लंड पर मेरा हाथ रखा और बड़ा करने लगा..और मेरी आँखों में देखने लगा..उसकी हिंदू कटर अदाए मेरी मुस्लिम चूत को शर्मिंदा कर रही थी लेकिन मेरी चूत में उसके हिंदू कटर धार्मिक लंड का पानी लेकर मैं चुदक्कड़ हो चुकी थी…फिर दोनों ने कुछ देर किस किया और मैंने उसका हिंदू लंड पकड़ कर दरवाजे तक लेकर अलविदा कहा…
दूसरे दिन रिश्तेदारों से मिलने बुर्का पहनने मोलवी साहब के साथ निकली, बलराम भी बाहर खड़े सिगरेट पीता था..मोलवी साहब अपनी पुरानी गाड़ी स्टार्ट करने लगे और मैं खड़ी होकर बलराम से इशारे लड़ने लगी.. कभी वो किस करने का इशारा करता कभी मोलवी की छोटी लुल्ली पर हंसकर हाथ से बताता मैं भी बाहर खड़े होकर कभी अपनी मुस्लिम छूची उभार कर बताती कभी किस करती कभी हस पढ़ती.. फिर गाड़ी स्टार्ट हुई मैं पीछे बैठ कर जाते हुए बलराम को अपना हिजाब हटाकर किस करती हुई चली गई।
अगली कहानी जल्दी ही लिखूंगी..हिंदू मर्दाना लंड के टोपे पर अपनी पाक ज़बान रख कर एक बार फिर सलाम, अब इजाज़त दीजिए.आपके कमेंट्स का इंतज़ार रहेगा.
हिंदू मर्दों की हिजाबी रंडी..शबाना इज्जत शरीफ w/o मोलवी असलम इज्जत शरीफ.Antarvasna Sex Stories