मेरी पहली कहानी को आप लोगों ने बहुत पसंद किया और बहुत सारे कमेंट भी किए, उसके लिए धन्यवाद…. अब मैं आपको बताऊंगा कि कैसे मैंने अपनी भाभी के साथ सेक्स को आगे बढ़ाया और उन्हें प्रेग्नेंट किया…. सबसे पहले जो जो मेरी पहली कहानी पटाखा – भाभी की प्यारी चूत नहीं पढ़े है वो प्लीज मेरी पहली कहानी पढ़े ताकि वो इस हिस्से का भरपूर मजा ले सके…… मेरी पहली कहानी का नाम है पटाखा-भाभी की प्यारी चूत… कृपया पढ़ें…… पिचली कहानी में मैंने आपको बताया था कि कैसे मैंने अपना आधा ही लंड भाभी की चूत में डाला और वो मजे से चुद रही थी… Bhabhi Ki Pyari Chut
उसके बाद जब मैंने थोड़ी देर के बाद भाभी को कहा कि क्यों भाभी मजा आ रहा है ना तो भाभी बड़ी ही सेक्सी सी आवाज में हा देवर जी बस इसी तरह छोड़ते रहो तो मैंने भाभी से कहा कि और मजा चाहिए क्या?? तो भाभी ने कहा नेकी और पुच – पुच तुम्हें जो अच्छा लगता है तुम करते रहो मैं तुम्हें नहीं रोकूंगी तो मैंने कहा कि ठीक है भाभी तो आप तैयार हो जाइए मेरे हथियार को पूरा अपनी चूत में लेने के लिए और एक जोर का धक्का भाभी के सीगुट में लगाया भाभी जोर से चिल्लई मैं मर गई, देवर जी बाहर मेरी छूट फट जाएगी तो मैंने उनके होठों पर अपने होठों को रख कर जोर का चुंबन करने लगा और उनको उसी पोजीशन में लंड थोड़ा सा बाहर निकालकर एक और जोरदार धक्का मारा मानो उनकी बिना ही रुक गई हो और आंखें तो फटी की फटी ही रह गई उनकी आंखें से आंसू निकल रहे थे वो मुझे धक्का लगाने की कोशिश कर रही थी और मुझे अपने से अलग करना चाह रही थी लेकिन मैं उन्हें जोर से पकड़े हुए था तो वो मुझे अपने से ना हटा सकी मैं थोड़ी देर रुकने के बाद उन्हें आस्ते-आस्ते चोदने लगा और उनको लगाता किस किये जा रहा था…
जब उनका दर्द थोड़ा कम होने लगा तो वो मुझे कहने लगी कि थोड़ा जोर से करो तो मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी अब मैं धीरे-धीरे अपनी स्पीड बढ़ाने लगा और उनको भी खूब मजा आने लगा वो तो मानो किसी दूसरी ही दुनिया में चली गई हो क्योंकि मेरा लंड कुछ है हाय इस तरह का कि किसी को भी स्वर्ग का मजा दे दे….मैं बस उन्हें फुल स्पीड में छोड़ रहा था और वो बस चिल्लाए जा रही थी और तेज और तेज…. धीरे-धीरे मैंने अपनी स्पीड कम की क्योंकि मैं झड़ने वाला था तो मैंने उन्हें बताया कि मैं झड़ने वाला हूं…. तोह उन्हें कहा कि मैं तुम्हारा रस पीना चाहती हूं तो मैंने अपना लंड उनकी चूत से बाहर निकाला और उनके मुंह में अपना लंड डालकर उनके मुंह को चोदने लगा मेरा लंड उनके मुंह में पूरी तरह से नहीं आ रहा था फिर भी मैं अभी इस पोजीशन में नहीं थी कि ये सब सोच सकूँ और उनके मुँह को चोद जा रहा था चाहे लंड आधा ही क्यू ना अन्दर जाये….
मेरा लंड उनके मुँह के अंदर गले तक जा रहा था, कुछ समय बाद, मुख्य रूप से उनके मुँह में तेज़ फुवारा छोड़ दिया, मेरा वीर्य उनके मुँह से बाहर आ रहा था, लेकिन वो सब चैट कर हजम कर गई, वो भी तीन बार झड़ चुकी थी….पूरा बिस्तर उनके खून से लतपथ हो गया था मानो किसी वर्जिन की चुदायी हुवी हो मैंने भाभी से कहा कि भाभी आपकी चूत तो फट गई तो उन्हें कहा फट जाने दो इस हरामजादी को बहुत परेशान करती है… हम दोनों अब इतने थक गए कि हमलोग बस एक दूसरे के ऊपर लेट गए और हमारी सांसे बहुत ही तेज हो चुकी थी हमलोग लगभग आगे घंटे तक सोते रहे और आधे घंटे के बाद जब मैं उठा तो मैंने भाभी की चुचियों में एक जोरदार चमक दी और कहा उठो रंडी भाभी तो भाभी चिल्लाती हुई ये क्या कर रही हो देवर जी मैं तो डर ही गई……
तो मैंने कहा बहुत वक्त हो गया है भैया किसी भी समय पूछ सकते हैं आप चली जाओ वरना तो भाभी ने कहा वरना क्या लड़ना मुझे किसी से डर नहीं लगता तो मैंने कहा अच्छा मेरी बहादुर भाभी जैसी आपकी मर्जी लेकिन मैं तो चला तो भाभी ने कहा ठीक है लेकिन आप कल भी मुझे ऐसे ही चोदोगे तो मैंने कहा ठीक है… दोस्तो औरत को जब तक किसी का बड़ा लंड मिल जाता है तो उसे वो लंड बार बार चाहिए या उसे भी बड़ा… अब भाभी और मैं हमारे कमरे से बाहर आई…. Bhabhi Ki chudai Ki kahani
भाभी से तो ठीक से चला भी नहीं जा रहा था वो किसी तरह खड़ा भी हो पा रही थी ये ही बहुत था मैंने भाभी को पेनकिलर खाने को बोल दिया और अपने अपने काम पर चली गई भाभी किचन में चली गई और मैं अपने दोस्तों के साथ ऐड बाजी में……. रात को जब मैं खाना खा रहा तो भाभी बस मुझे ही देखे जा रही थी मानो मुझे खा ही जाएगी और बहुत सेक्सी सी स्माइल दे रही थी…तो मैने जल्दी से अपना खाना ख़त्म करके भाभी के पास गया और पूछा क्यू भाभी दोपहर की चुदाई याद आ रही है क्या? तो भाभी ने कहा कि देवरजी भूल ही नहीं पा रही हूं…
और मेरा लंड पेंट के बाहर से पकड़ कर कहती है आपका औज़ार आपसे भी बड़ा शैतान है तो मैंने कहा भाभी अभी आपने इसकी शैतानी देखी है तो भाभी ने कहा रात को आपके भैया जब सो जायेंगे तो मैं आपके कमरे में आऊँगी तो मैंने कहा आप एक दोस्त भी इंतज़ार नहीं कर सकती हो भाभी तो भाभी ने कहा कि आपके साथ सेक्स करने के बाद मैं एक पल का भी इंतजार नहीं कर सकती लेकिन बस आदमी करता है कि आपके साथ दिन भर रातभर छूटती रह रही है तो मैंने कहा ठीक है आ जाइयेगा… लेकिन भैया के सोते ही आना भाभी नहीं तो भैया को रात को एक दो घंटे के बाद उठ जाने की आदत है तो भाभी ने कहा मुझे पता है मैं आपके भैया के सोते ही आ जाऊंगी…. रात को करीबन 11:45 में भाभी मेरे कमरे में आई मैंने जान बुझकर अपना दरवाजा खुला रख्खा था… मेरा रूम सबसे ऊपर वाले कमरे में है और आजू बाजू में कोई रूम भी नहीं है… भाभी के रूम में आते ही मैं तो उन्हें देखता ही रह गया वो सिर्फ एक स्लीवलेस नाइटी पहनकर आई थी और वो अंदर में एक छोटी सी ब्रा और पतली सी पैंटी पहनती थी…. जब वो मेरे बगल में आके बैठी तो मैंने कहा वाह! भाभी आप तो रात को परी से भी ज्यादा सुंदर दिखती हो…. तो भाभी थोड़ा सा सरमा गई……
और मैंने अपने होठों से उनके होठों को लॉक कर दिया और चूसता रहा…चूस कर मैंने उनके होठों को लाल कर दिया…. मैंने झट से उनकी नाइटी को अलग किया और उनकी ब्रा को भी, पैंटी तो उन्हें खुद ही निकाल दी…. मैं आप लोगो को बताना ही भूल गया कि मुख्य बिस्तर पर पहले सी नंगा लेता था बस अपने ऊपर एक कम्बल डाले हुए थे…. तो अब हम दोनों पूरे नंगे थे मैं उनके स्तनों को चूस रहा था और उनके स्तनों को चूस चूस कर 2 इंच फूला दिया… अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था तो मेरा उन्हें कहा आप मेरे लंड को गिला करो और अपना लंड उनके मुँह में घुसेड़ दो दिया थोड़ी देर के बाद मेरा लंड गिला हो गया तो मैंने उन्हें बिस्तर पर सीधा लिटाया और अपना लंड उनकी चूत में पेल दिया उनकी चुड़ अभी भी बहुत टाइट थी मैंने अपना लंड जैसे ही उन्हें चोद में डाला तो उनके मुंह से बड़ी सेक्सी सी आवाज निकलने लगी और आह… ओह… ओह… ईह… ह्ह्ह…. मम्म्म…. स्स्स्स…….
और उन्होंने मुझे कस के पकड़ लिया अब मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी है और उनको तेजी से चोदने लगा वो तो बस सी…सी…आह…उह…फ……फ…म…कर रही थी वो भी मेरा साथ दे रही थी नीचे से गांड उठा कर चूत मारवा रही थी और मैं भी अपनी स्पीड बढ़ा कर उन्हें तेजी से चोदने लगा वो दो बार झड़ चुकी थी लेकिन फिर भी थकी नहीं थी मैं भी अब झड़ने वाला था तो भाभी से कहा कि मैं झड़ने वाला हूं तो अनहोनी काहा कि अंदर ही छोड़ दो तो मैंने उनको चूत के अंदर ही अपना माल छोड़ दिया वो भी मेरे साथ एक बार और झड़ गई… मैं थक कर उनके ऊपर लेट गया भाभी को पूरी संतुष्टि हुई और वो मुझे किस करने लगी फिर मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर पूरा साफ कर दिया मैंने भी उन्हें एक जोरदार स्मूच दिया और उनके स्तन गांड पर एक जोर का थप्पड़ मारा फिर वो अपने कमरे में चली गई क्योंकि एक घंटा होने को चला था और भैया कभी भी उठ सकते थे….
अब मैं रांची में हूं भाभी ने मुझे खुशखबरी दी कि मैं उनके बच्चे का बाप बन गया हूं उन्हें एक बेटे को जन्म दिया है और उन्हें धन्यवाद कहा कि ये सब तुम्हारे लिए हुआ है वरना अगर मैं आपके भैया के भरोसे रहती तो मुझे प्यार ही रहना पड़ता… मैं जब भी घर जाता हूं तो भाभी को जी भर चोदता हूं और वो भी मुझसे पूरा मजे से चुदवाती है…. तो दोस्तों आप लोगो को मेरी कहानी कैसी लगेगी जरूर बताइयेगा…. अगली कहानी में मैं आपको बताऊंगा कि मैंने कैसे भाभी की गांड फाड़ी और कैसे उनको बुलाया मुझे अपनी छोटी बहन तन्वी को और अन्या को चुडवाया…. तब तक के लिए आप मेरी इस कहानी को पढ़कर मुथ मरते रहिए धन्यवाद… अलविदा। Antarvasna Sex Stories