Mai aur meri Bhabhi – Bhabhi Ki Chudai Ki Kahani

नमस्कार दोस्तों, मैं जम्मू से सनी हूं, मैं इस साइट का प्रशंसक हूं। मैंने इस साइट पर सभी कहानियां पढ़ी हैं, इसलिए आज मैं आप सभी को अपनी ओवेन कहानी भेजना चाहता हूं, दोस्त मेरी कहानी कुछ इस तरह है। Mai aur meri Bhabhi ये कहानियां आज कहती हैं कि 6 महीने पहले हमारे बाजू में एक कपल रहने आया। उनकी शादी हुई, 7-8 साल बाद उनका कोई बच्चा नहीं था। या वो करीबन 32 साल के ही होंगे। उनके पति का कुछ इम्पोर्ट एक्सओपीआरटी का बिजनेस था। थोड़े दिन रहने के बाद उनकी हमारी जान पहचान हो गई या हमारा उनका आना जान हो गया। करीब थोड़े दिनों में हमारी भाभी और मेरी दोस्ती हो गई। वह बहुत सेक्सी थी, उसकी भाभी का फिगर होगा 34-28-34 उसके बूब बड़े थे या सेक्सी जब वो चलती थी तो उसके बूब मूव होते थे ये देख कर कोई भी मचल जाए। उसका पति अक्सर महीना 15 मई 20 दिन बहार रहता था या जब भी उसका घर पर जाता था तो उसको देखता ही रहता था या उसे चोदने के लिए सोचा करता था, इस को चोद सकता था या घर आ कर मुठ मारता था। मैं उसके उल्लू या गांड के बारे में सोच सकता था कि मुठ मारा करता था। मई जब भी उसका घर जाता तो, उसे देखकर मुझे लगता था कि वो उदास-उदास रहती है। एक दिन जब मई उसका घर गया तो उसका घर का दरवाज़ा खुला हुआ था या घंटी बजेगी बगड़ ही उसका घर चल गया तो मई ने देखा की घर मई कोई नहीं है सयाद वो बाथरूम मई थी तो मई सोफा प्रति जेकर बेथ गया तो मई ने देखा कि वाहा एक xxx की किताब पड़ी है। मई नहीं उसको उठा कर देखा तो उसमय xxx तस्वीर थी सारी तस्वीर पुरुष के थे या सारे पुरुष के बड़े बड़े लैंड थे। मई देख कर एक दम गरम हो गया या फिर मई नहीं वही प्रति किताब को रख दी, या भाभी बाथरूम मई थी उसकी या चल पड़ा या बाथरूम मई कह सकता है देखा जाए ये देखने लगा। जब मैंने बाथरूम देखा तो भाभी पूरी नंगी नहा रही थी या अपने सारे बदन पर साबुन लगा कर अपने स्तन या चूत को रब कर रही थी, ये देख कर मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया भाभी अपनी चूत 2 मई को उंगली अंदर बाहर कर रही थी।और हल्की-हल्की कराह रही थी, फिर हमारी उंगली जोर से चलने लगी, मैं समझ गया कि ये अब झरने वाली है। तब मैं वहां से हट गया, ये देख कर मई फोरन अपना घर पर आ गया या अपना कमरा आकर अपना पेंट उतार कर अपना पूरा लैंड बहार निकला या मुठ मारने लगा। अब मुझे लगा कि भाभी को क्या चाहिए, ये मैं जान गया। और ये सोच ने लगा कि कैसे भाभी को चोद सका, क्योंकि इस बीच हमारे पति भी 7 दिन के टूर पर बाहर जाने वाले थे, तब मुझे लगा कि ये सही मौका है भाभी को चोद ने का। टूर पे जाते समय उसके पति ने कहा कि 1 हफ्ते के लिए तुम इसका ख्याल रखना, तो भाभी ने कहा कि कोई बात नहीं ये मेरे और मैं इस का ख्याल रखुगे। या पहले दिन चूहे को भाभी के घर पे खाना खाने के बाद मई नहीं भाभी को मारय फ्लैट की चाभी (चाबी) दिन दी या काहा की काश सुबह हो सकती है
मुझे उठना शायद देर हो जाए तो कृपया आप मुझे उठा देना। तो भाभी नहीं कह सकती कि कोई बात नहीं कर सकती, तुमको उठा दूंगी या चाबी देखकर अपना फ्लैट पर आ गया.. या सुबह जब उठ सकती थी तो मेरा लैंड हार्ड था तो मई भाभी के बारे में सोचने लगा या मेरे लैंड और हार्ड हो गया तो मई नहीं अपना शॉर्ट उतरा या भाभी को याद करके मुठ मारना शुरू कर दी। मई मुठ मरना मई मसगुल था या अचानक मेरे बेडरूम मे भाभी मुझे उठना आ गया मई इतना मसगुल था कि मुझे पता ही नहीं चला कि भाभी कब आ गई उसने मुझे देखा या काहा की क्या कर रहा हो मई एकदम घबरा गया या अपना छोटा पहनय लगा तो भाभी मुस्कुराई या काहा की तुम्हारा तो बहुत बड़ा है इतने बड़े लंड को हिला हिला कर क्यू तंग कर रहा हो। तो माने भाभी को कहा कि ये मुझे बहुत तंग करता है, इसके लिए हिला रहा हूं तो उसने कहा कि शायद इस का आज तंग करना बंद करवा दूंगी। भाभी के सामने अपना 8″ का लौरा दिखा कर अपने हाथ से हिलाने लगा। मेरा आठ इंच का लंड फैनफना कर खरा हो गया था। भाभी मेरा खरा लंड को देखती हुई बोली, “सचमुच तुम्हारा लंड बहुत लंबा और मोटा है। उस लड़की को बहुत मजा आएगा जो तुमसे चुदवाएगी।” इस पर मैं अपना लंड उनकी तरफ कमर हिला कर बढ़ते हुए बोला, “आप ही चुदवा कर देख लो कि कितना मजा आता है।” मेरे बेटे सुन कर भाभी बोली, “हाय! अगर मेरे पति को पता चल गया तो बहुत ही बुरा होगा।” मैंने कहा, जब हम किसी को नहीं बताएंगे तो किसी को कैसे पता चलेगा?” एह सुन कर भाभी मेरे तरफ देखते हुए मुस्कुराने लगी और अपने होठों पर अपनी जिंदगी फेरने लगी। मुझे मालूम है कि भाभी मुझसे अपनी चूत चुदवाना चाहती है, लेकिन पहल मेरी तरफ से चाहती है। मैंने तब आगे बढ़कर उन्हें चूनचों पर अपना हाथ रख दिया और उन्हें धीरे-धीरे सहलाने लगा। भाभी कुछ नहीं बोलिबास मुस्कुरा रही हैं। तब मैंने उनकी नाइटी उतार दी और मेरे सामने भाभी सिर्फ काली ब्रा उर गुलाबी पैंटी अपने जवानी का जलवा दिखाते हुए आधी नंगी खड़ी थी। फिर मैंने उसकी ब्रा को निकल फेंक दिया, उनकी गोल गोल चुन्ची देख कर हेयरन हो गया। उनकी चूंची कुछ लम्बाई एकर की थी, लेकिन बिल्कुल तनी हुई थी। उनके एरोला करीब 1″ का था और निपल देखने में फूला हुआ मोनक्का लग रहा था। मैंने फिर धीरे से उनको अपनी बाहों में ले लिया और उनके चूंचियों पर अपना प्यार मजबूत करके उनको अपने दोनो हाथों में लेकर मसलने लगा। माई भाभी को अपनी बाहों में भर कर कस कर जकार लिया। भाभी भी मुझको अपने हाथों से पकड़कर ले गईं। मैंने उनके दोनों हाथों को चूम लिया धीरे-धीरे भाभी मेरे हाथों से निकल कर मेरा बनियान उतार दिया, फिर मैंने अपना याक हाथ हमें की पैंटी में डाल दिया, फिर मैंने अपनी याक उंगली को हाथ में लेके हमें रगरा दिया, फिर मैंने अपनी याक उंगली को निकाल कर मेरा बनियान उतार दिया, फिर मैंने अपनी याक उंगली को बाहर निकाला, और हमें उंगली से चोदने लगा। मुझे लगा अब ये रंडी चोदने को याक दाम तय है, तब मैंने अपनी उंगली उसकी चूत से बाहर निकाली, और उसकी पैंटी को हमारे बदन से अलग कर दिया। अब हम दोनों एक दूसरे के सामने बिल्कुल मादरजात नंगे खड़े थे और दोनों एक दूसरे को देख रहे थे। भाभी हमसे बोलीं, “है राजा।” तुम नंगे बहुत सुंदर दिखते हो, तुम्हारा खरा हुआ लुंबा लंड देखने में बहुत ही सुंदर लगता है और कोई भी लड़की या औरत इसको अपनी चूत में लेकर चुदवाना चाहेगी।” माई अब भाभी के पास गया और अपनी बाहों में ले कर उससे पूछा, “हमें कोई और लड़की या औरत से मतलब नहीं है, क्या आप मेरे लंड को अपने चूत के अंदर लेना चाहते हैं कि नहीं?” टैब भाभी बोली, “अरे तुम अभी नहीं समझे, मैं तो तभी से तुम्हारे लंड से अपनी चूत की चुदाई करना चाहती हूँ। अब जल्दी से तुम हमको चोदो। मेरे चूत में आग लगी है।”या मेरे पास आई या मेरा लंड अपने हाथ लेकर प्यार करने लगी। अब मेरी भाभी की एक चूंची अपने मुँह में लेकर चूसने लगा और दूसरी चूंची अपने एक हाथ में लेकर मसलने लगा। भाभी भी अब तक गर्म हो गई है। उन्हें मेरा लंड अपने हाथों में पाकर कर मुझ को बिस्तर पर पटक दिया और मेरा लंड अपने हाथों में लेकर उनको नंगे ध्यान से देखने लगी। थोरी देर के बाद वो बोली, वे तुम्हारा लंड बहुत हाय सेक्सी है। आज मेरी चूत खूब मजे ले कर इस लंड से चुदेगी। अब तुम चुपचाप परे रहो. मुझको तुम्हारा लंड का पानी चखानी है।” मैंने तब बोला, “तीखी है भाभी जब तक आप मेरे लंड का स्वाद चखोगे, मैं भी आपकी चूत के स्वाद का आनंद उठाऊंगा। आइए हम दोनों 69 पोजीशन पर पलंग पर लेते हैं।” फिर हम दोनों पलंग पर एक दूसरे की जोड़ी की तरफ मुंह करके लेट गए। कभी उसको अपने जीवन से बात करने लगी। मुझको अपने लंड को चूसने से रहा नहीं गया और अपने लंड भाभी के मुँह में पेल दिया। भाभी के लंड को अपने मुँह से निकलते हुए याक रंडी की तरह बोली, “वाह मेरे राजा अभी और अपने लंड को मेरे मुँह में पेलो, बुरा है इसको मेरी चूत में।” पेलना।” Bhabhi Ki Chudai Ki Kahani
अब मैंने भाभी को, जो कि मेरे ऊपर लेती हुई थी, उसने उसकी दोनों जोड़ियों को फेल कर दिया। अब मेरे आँखों के सामने उनकी झांटो वाली चूत पूरी तरह से खुली हुई थी और मेरे लंड खाने के लिए तैयार थे। माई अपना उंगली उनकी चूत में पेल कर अंदर-बाहर करने लगा। भाभी तब जोर से बोली, “हाय! कौन टाइम बर्बाद कर रहे हो, मेरी चूत को उंगली नहीं चाहिए। अभी तुम इसको अपने जीव से चोदो। बुरा मुझे अपना लंड खिलाना, वो तुम्हारा लंड खाने के लिए तरस रही है,” माई बोला, “कौन चिंता कर रही हो भाभी, अभी आपकी चूत और मेरे लंड का मिलन करवा देती हूं। पहले मैं आपकी चूत की रस चख तो लूं। देखु तो भीभे का चूत का स्वाद कैसा है..सुना है कि सुंदर और सेक्सी औरत के चूत का रस बहुत मीठा होता है।” तब भाभी बोली, “ठीक है, जो मर्जी में ऐ करो, एह चोट अब तुम्हारी है। इसे जैसे चाहे मजे ले लो। हां एक बात और, जब हम एक दूसरे को चोदने के लिए तैयार हैं और एक दूसरे का चूत और लंड चाट रहे हैं, चूस रहे हैं तब एह आप का क्या रात लगा रखा है। तुम मुझको नाम लेकर पुकारो और आप की चूहा चोरो।” अब मैंने देखा कि उनकी चूत लंड खाने के लिए खुल बंद हो रही है और अपनी लार बहा रही है और उसकी चूत बाहर और अंदर से रूस से भीगा हुआ था। मैंने जैसे ही अपनी जीव भाभी की चूत में घुसेड़ा वो चिल्लाने लगी, “हाय, क्या चीज बनाई है भगवान ने, चूसो चूसो, और जोर से चूसो मेरी चूत को। और अंदर तक अपनी जीव भाभी की चूत में घुसेरो, हाय मेरी चूत की घुन्डी को भी चाटो, बहुत मजा आ रहा है। हाय माई अब चटनी वाली।” हुं।” और इतना कहते ही भाभी की चूत गरम गरम मीठा रस चोर दिया जिसको मैंने अपने जीवन से चैट कर पूरा का पूरा पी लिया। उधर भाभी ने अपने मुँह में मेरा लंड लेकर उसको खूब जोर जोर से चूस रही थी और मैं भी भाभी के मुँह में झड़ गया। मेरे लंड के झड़न सब के सब भाभी के मुँह के अंदर गिरा और उसको पूरा का पूरा पी गयी। अब भाभी का चेहरा कामवाला से चमक रही थी और वो मुस्कुराती हुई बोली, “चूसाई में बहुत मजा आया, अब चूत चुदाई का मजा लेना चाहती हूँ। अब तुम जल्दी से अपना लंड चुदाई के लिए तैयार कर और मेरे चूत पर पेलो, अब मुझसे रहा नहीं जाता।”माई भाभी को पलंग पर चिट करके लेटा दीया और उनकी दोनो जोड़ी को ऊपर उठा कर घुटन से मोर दिया। फिर मैंने अपने लंड का सुपारा खोल कर उनकी चूत के ऊपर रख दिया और धीरे-धीरे उनकी चूत से रगड़ने लगा। भाभी मारे चुदाई के अपने कमर नीचे ऊपर कर रहे थे और फिर थोरी देर के बाद बोली, “सेल बेटीचोद, फ्री में पराई औरत की चूत चोदने को मिल रहा है इसलिए खारा लंड हमारी चुदासी चूत को दिखा रहा और उसको चूत के अंदर नहीं पेल रहा, अब जल्दी से अपना मुसर जैसा लंड चूत में घुसा नहीं तो हट जा मेरे ऊपर से मैं खुद ही अपनी उंगली में डाल सकती हूँ। अपनी चूत की गरमी नकलती हूं।” तब मैंने उनके चूंचियों को पकड़ कर निप्पल को मसलते हुए उनके होठों को चूमा और बोला, “अरे मेरी रानी, ​​इतनी भी जल्दी क्या है? जरा मैं पहले तुम्हारे इस सुंदर नंगा बदन का आनंद उठा लूं, उसके बाद फिर तुम्हें जी भर कर चोदूंगा। मैंने अब तक अपनी जिंदगी में कभी इस तरह से नंगा औरत नहीं देखी है। भाभी बोली, “साले चोदू, हमारे जवानी का तुम बुरे में मजा लेना उसके लिए अभी पूरी रात परी हुई है, अभी हम को घर पे काम है। अभी तो बस हमको चोदो। माई मेरी जा रही हूं, हमारी चूत में आग लगी है और वो तुम्हारे लौड़े के धक्के से ही जाएंगे। जल्दी से अपना लंड मेरी चूत मुझे पेल दो, प्लीज मारे राजा अब जल्दी जल्दी करो।”बचुदेगी.. भाभी मेरे लंड से चुदने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। मैंने अपना सुपारा उनके पहले से भीगी चूत के दरवाजे के ऊपर रखा और धीरे से कमर हिला कर सिर्फ सुपारे को अंदर कर दिया। तब भाभी ने एक आह सी भारी और बोली, “आह! क्या शांति मिली तुम्हारे लंड को अपनी चूत में डलवा कर। अच्छा हुआ, मुझे बहुत दिन से इच्छा थी कि किसी लम्बे लंड से चुद ने का, आज वो पूरी हो गई। नहीं तो मेरी इच्छा पूरी नहीं होती।” अब मैंने अपना लंड धीरे धीरे उनको चूत के अंदर बाहर करने लगा। उन्हें अपनी चूत में कभी इतना मोटा लंड पहले कभी नहीं घुसाया था, कहा जाता है कि उसके पति का लंड छोटा होगा, इसलिए वे कुछ तकलीफ हो रही थीं। मुझे भी उनकी चूत काफी टाइट लग रही थी, आप और मैं मस्त हो कर उनकी चूत चोदने लगा। भाभी मेरी चुदाई से मस्त हो कर बारबरा रही थी, “हाय! मेरे राजा, मेरे राजा और पेलो और अपनी भाभी की चोट में अपना मोटा लंड, तुम्हारी भाभी की चूत तुम्हारा लंड खाकर निहाल हो रही है। हाय! लुम्बे और मोटे लंड की चुदाई का मज़ा कुछ और ही होता है। तुम ऐसे ही अपनी कमर उछाल कर मेरी चूत की चिंता मत करो। फट जाने दो उसको आज. मेरी चूत को भी बहुत दिनों से शौक था मोटा और लम्बा लंड खाने का। उसको और जोर-जोर से खिलाओ अपना मोटा और लंबा लंड। मेरी रानी, ​​ले! लीईई! और ले जी भर खा अपनी चूत में मेरा लंड का ठोकर। मेरी किस्मत आज बहुत अच्छा है, जिसकी माँ तुम्हारे जैसी औरत की चूत में अपना लंड घुसेड़ कर चोद रहा हूँ। क्या मेरी चुदाई तुम्हें पसंद आ रही है? सही सही बताना, भाभी? कौन अच्छा चोदता है तुम्हारी रसीली चूत, क्या आप का पति?” भाभी बोली, “हाय राजा अब मैं तुमको क्या बताऊँ, मैं तुम्हारी चुदाई से बहुत खुश हूँ। मेरा पति तो मुझे चोदता है। लेकिन तुम्हारा और उनकी चुदाई में बहुत फर्क है। वो रोज सोने से पहले बिस्टर पर लेट कर झट से मुझे नंगी करके मेरी टांगों को उठाता है और अपना लंड मेरी चूत में पेलता है। उसको इस बात का एहसास नहीं होता कि औरत गरम धीरे-धीरे होती है। लेकिन वो 2 मिनट तक चोदता है और फिर झर जाता है और मैं प्यासी रह जाती हूं लगता है तुम्हारा लंड खाने के बाद मेरी चूत उनका लंड खाना पसंद नहीं करेगी। क्यों कि तुम्हारे लंड से मेरी चूत अब फैल जाएगी और हममें उनका पतला और छोटा लंड ढीला हो जाएगा, क्योंकि मुझे पता है कि मुझे तो मजा नहीं आएगा। है और उसकी शादी किसी और लड़की से हो गई है, उसने मुझको मेरी शादी से पहले ही छोड़ा है। लेकिन उनके लंड की चुदाई मुझको पसंद नहीं आई।” “क्यों?”

“अरे उनका लंड बहुत छोटा और पतला है, लेकिन वो मुझे चोदने के पहले और चोदने के लिए बहुत अच्छे लगते थे और उनकी चूत अच्छी लगती थी। वो सदी से पहले जब भी दिल्ली आतीं तो मेरी चूत जरूर चोदते पार आब तो उसकी सदी हो गई है” एह सब बटे करते करते हुए हम लोग चुदाई का मजा लेते रहे और हमारी चुदाई से भाभी दो बार झड़ गई और फिर मैंने अपना लंड उनके चूत के अंदर तक डाल कर उनके चूत के अंदर तक डाल दिया गया.फिर मैं हमसे ऊपर सो गया.कुछ देर का बाद भाभी बिस्तर से उठ के अपने कपड़े पहन ले, मुझे गाल पे किस कर के अपने घर चले गए। अन्तर्वासना कहानी

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