Aafiya Ki Pakiza Chut Me Hindu Lund Ki Khujli – Muslim sex story

अब अपने बारे में क्या लिखूं दोस्तों… मेरा नाम आफिया है इलाहाबाद से हूँ कटरा में रहती हूँAafiya Ki Pakiza Chut Me Hindu Lund Ki Khujli… उम्र 22 है फिगर 32 28 34 है.. उम्र पे मत जाना जितने लंड मैंने लिए हैं मैक्सिमम औरतें पूरी लाइफ में नहीं ले पाती…

मैं हिंदू लड़कों की आदी कैसे हो गई……
खैर, जब 13 साल की हुई तो बहुत लंबी खानी है तो चूत में खुजली शुरू हो गई…. फिर पोर्न देखना शुरू किया…
सहेलियों के साथ लेस्बियन करती थी लेकिन कभी सेक्स नहीं किया था…
2 साल तक ऐसे ही चल रहा था फिर जब 15 की हुई तो एक लड़के ने लाइन देना शुरू किया…
उसका नाम “आसिफ मिर्ज़ा” था…
हाँ हा हा मैंने लिखा है कि मैं हिंदू लड़कों का आदी कैसे हूँ लेकिन कहानी यहीं से शुरू होती है…
मैंने उसके साथ किस किया फिर एक दिन आया सेक्स का…
उसके किसी दोस्त का कमरा खाली था उसने मुझे बुलाया…
फिर उस दिन मैं पहली बार चूड़ी…
उसका लंड शायद 5 इंच रहा होगा…. वो मुझे तक़रीबन 3-4 मिनट तक छोड़ता था…
प्यास तो नहीं बुझती थी लेकिन पहले कभी सेक्स तो किया नहीं था इस लिए मुझे लगा ये अच्छा सेक्स करता है…
वो कहते तो सुनी होगी ना कुनवे का मेंढक वाली जिसमें मेंढक को लगता है कि ये कुनवा ही पूरी दुनिया है…
बिलकुल उसी तरह लगा कि सब लड़के इतने ही चोद पाते होंगे….
फिर उससे मेरा ब्रेकअप हुआ…
एक और लड़का आया जिसका नाम था “इमरान शेख” उसके साथ सेक्स किया मैंने वो ब वैसा ही था 3-3:30 मिनट, और लंड 4.50 इंच….
मैं एकदम सही हो गई कि किसी लड़के में इतना ही दम होता होगा…. असली कहानी यहाँ से शुरू होती है
मैंने ये सब अपनी दोस्त सबीना को बताया। शबीना एक नंबर की चुदक्कड़ लड़की थी क्लास में हमेशा लंड चूत की बातें करके भेजा खा जाती थी.. उसी की वजह से मेरे मार्क्स कम आते थे। लेकिन उसकी बातों में मज़ा भी बहुत आता था। ये तो हो गई सबीना की बात अब स्टोरी ये है कि जब मैंने सबीना को ये सब बताया चुदाई के बारे में तो जो उसने सबसे पहले कहा था वो ये था कि “मुस्लिम थे ना वो दोनों”। मैं बाल झड़ गई.. इसे कैसे पता कहीं इसने जासूसी तो नहीं की मेरी. साली कुतिया कहीं किसी से बता देगी तो इज्जत की वाट लग जाएगी मेरी.. मैंने पूछा तुझे कैसे पता…
तो उसने कहा पागल जैसा तूने बताया ये सब मुस्लिम में ही होता है छोटा लंड कम जल्दी झड़ जाना..
कभी हिंदू लंड ले के देखना

मैंने कहा तौबा तौबा कामिनी…
काफ़िर को चूना तक हराम है तू क्या बोल रही है। अल्लाह से डर कुतिया.. तो उसने बोला साली चूत में खुजली है तो तो भूल जा इस्लाम अल्लाह और ले ले हिंदू लुल्ला फिर देख तू खुद कितनी बड़ी रंडी बन जाएगी। खुद गांड पे अल्लाह लिखवा के गांड मरवाएगी.. मुझे उसमें बहुत गुस्सा आया मैंने उसे एक थप्पड़ मारा और वहीं से चली गई…
हमारी साल पुरानी दोस्ती टूट गई..

लेकिन दोस्तों कसम से उसकी बात से चूत गीली हो गई थी। खासकर वो गांड पे अल्लाह लिखवाने वाली बात से.. रात भर मैं उसी के बारे में सोचती रही। फिर सुबह उठी तो मेरे अंदर की दीन पाक औरत जग गई…
कुछ देर तक फिर सोचने के बाद मैंने नेट पर मुस्लिम लड़की हिंदू लड़का सेक्स सर्च किया तो ऐसी ऐसी कहानी आई कि पढ़कर मेरी तो हालत खराब हो गई.. मुझे मज़ा आने लगा रोज़ रात को मैं वो सब कहानियाँ पढ़ती और चूत सहलाती। कसम से इतना मज़ा तो आसिफ और इमरान से चुद के भी नहीं आया था कभी.. या ये बोलू कि उनसे चुद के कभी मज़ा आया ही नहीं था…….

आखिर वो दिन आया जब मैं उस से मिली। (अमन राज- मेरा शोहर)….
हाँ दोस्तों मैं बात कर रही हूँ मेरे सपनों के राजकुमार की जिस से मैं उस दिन मिली जब मैं पहली बार कोचिंग में लेट पहुँची….
रोज़ तो टाइम पे पहुँच जाती थी उस दिन ही लेट हुई और वो लेट होना तो जैसे मेरे लिए खुदा का तोहफा था। क्लास चल रही थी उस दिन क्लास में टेस्ट थे और टेस्ट शुरू हो गए थे तो सर ने कहा कि तुम बाहर रहो अब टेस्ट को डिस्टर्ब मत करो…
तो मैं क्लास से बाहर गई…
फिर घर जाने के लिए स्कूटी के पास गई और अपनी स्कूटी पर ही कर रही थी तब भी 1 बाइक पर 3 लड़के आए और मेरी स्कूटी में लड़ दिया…
मुझे गुस्सा बहुत आया…
आगे वाले लड़के ने कहा मैडम सॉरी तो मैंने कहा किसी को मार दो और सॉरी बोल दो। कुत्ते हरामजादों। मैंने बी खूब सुनाया तो उनके बीच में बैठा लड़का जो कि मेरे सपनों का राजकुमार यानी अमन था वो उतरा और बोला “क्या रे मादरचोद बड़ी गर्मी है तेरे अंदर लड़का बोल रहा है है सॉरी तो ज्यादा नखरा मत पेल वरना पटक कि यही छोड़ूंगा कोई कुछ उखाड़ नहीं पाएगा” उसकी बात सुन के तो मेरा खून खौल गया जैसे किसी ने मेरी इज्जत को बिज़ बाज़ार ज़मीन पे फेक के पैरों तले कुचल दिया.. मैं बस उसे जान से मार देना चाहती थी.. रात को बी बस वही सोचती रही फिर ना जाने क्यों जब मैंने कहानी पढ़ी रात को तो कहानी में जब लड़की की जगह अपने आप को इमेजिन करती तो लड़के की जगह ऑटोमैटिक अमन का चेहरा आ रहा है मेरे दिमाग में.. मैंने फिर स्टोरी वाला पेज बंद कर दिया..
बुर क्या करूं कम्बख्त ये चूत की खुजली…

मुझे बार-बार अमन की गाली और उसका गुस्सा याद आ रहा था जिससे मेरी चूत एकदम दरिया हो गई थी.. फिर मैंने कहानी पढ़ी और अपने आप को और अमन को सोच के 3 बार फराज हुई.. इस बार तो इतना मजा आया जितना कभी नहीं आया था.. ऐसा ही चलता रहा 15-20 दिन… मैं तो उसकी दीवानी हो गई थी बस उसी की.. मन की मन उस से ना जाने कितनी बार चुद चुकी थी उसे खुद ही नहीं पता था। लेकिन उसका कहीं नाम-ओ-निशान नहीं था। मेरी नज़र रोड पे चलते हर शख़्स में उसका चेहरा ढूंढने लगी 2 महीने हो गए वो दिखा नहीं। मेरी उम्मीद खत्म हो गई थी.. अचानक एक दिन जब मैं माँ के साथ सब्ज़ी लेने गई तो मुझे वो दिखा। मैं एक दिन जैसे तड़पी थी उसे देखने के लिए मैं भागती हुई गई उसके पास.. माँ तो बालन थी जिससे क्या हुआ। लेकिन उस समय मेरे मन बस अमन से मिलना ही चल रहा था। फिर मैं उसके पास गई….

दोस्तों मुझे लग रहा है कहानी बहुत लंबी और बोरिंग जा रही है इस लिए डायरेक्ट पॉइंट पे आती हूँ.. अब आप तो समझ ही गए होंगे मैंने उससे सॉरी बोला, दोस्ती के नंबर लिए, फिर वापस आ कि माँ को मनाया, अब यह सब डिटेल में लिखूंगी तो कहानी बहुत लंबी हो जाएगी… अब धीरे-धीरे हम बेस्ट फ्रेंड्स बन गए…. एक दिन चुदाई का भी टाइम आया….

मेरे मन में सबीना की बात घूम रही थी… मैंने सोचा आज हिंदू लंड का दाम भी देख ले…
मैं कमरे में गई फिर हम दोनों ने किसिंग की.. मैंने सोचा यार कि ये कहीं प्यार से ना छोड़ने लग जाए। मैं तो इसकी गालियों पे फिदा थी और आयरलैंड से चुदना चाहती थी लेकिन जिस तरह से वो किस कर रहा था मुझे लगा ये रोमांटिक सेक्स करेगा.. फिर वो वॉशरूम से एकदम नंगा हो के आया। मैं तो उसका लंड देखकर बाल ही हो गई। इतना लंबा और मोटा। सबीना की याद आ गई मुझे उफ्फ़ मेरी बहन काश तुझे ना मारा होता मैंने। बिल्कुल सही कहा था तूने हिंदुओं के बारे में… इस लंड के साथ अगर ये प्यार से छोड़ता तब भी तो मेरी गांड फटने ही वाली थी तभी उसने वो कहा जिसको सुन ने को मेरे कान तरासे हुए थे..

उसने कहा “बाबू मेरी एक फैंटेसी है” मैंने कहा “बोलो ना बाबू”। उसने कहा “बाबू मुझे रोमांटिक सेक्स में मज़ा नहीं आता। मुझे तो गंदी गंदी गालियां दे के कुतिया की तरह गुलामी करवा के चोदना पसंद है एकदम गंदा रखैल बना के चुदने का मन करता है उसमें बहुत मज़ा आता है। बोल करवाएगी वैसे! ” दोस्तों, क्या बोलूं उस टाइम मेरी हालत जैसे फकीर को हीरे मिल जाएं तब भी उतना खुश न होता जितनी मैं थी। मैंने मन ही मन सोचा अरे पागल! मैं तो डर रही थी कहीं तू प्यार से ना छोड़े अब पूछ रहा है बरेली से चुदवाएगी। अरे पगले इसी के लिए तो तड़प रही हूँ कब से। लपक के लंड पकड़ लूँगी तेरा फिर मैंने अपने इमोशन पे कंट्रोल किया सोचा ज्यादा एक्साइटमेंट दिखाना बी अच्छा नहीं होगा मैंने शर्माते हुए कहा ” जैसा तुम कहो बाबू, तुम्हारी खुशी में ही मेरी खुशी है ” फील तो ऐसा हो रहा था जैसे साल भर कि भूखे से किसी ने पूछ लिया हो ” खाना खाएगा? “। खैर अब स्टीम पे आते हैं। जैसे ही मैंने कहा कि “बाबू आपकी खुशी में मेरी खुशी है” शायद 1 सेकंड भी न लगा होगा कमीने ने बाल पकड़ के मुझे ज़मीन पे पटक दिया और गला दबा के गाल पे थप्पड़ मारते हुए बोला “साली चिनार मुस्लिम रांड कितने दिन से तेरे जैसी रांड नहीं मिली मुझे आज तो तेरी बुर फाड़ दूंगा चिनार बहन की लोड़ी” मैं तो जैसे तड़प रही थी ये सब सुन से के लिए। मन ही मन तो खुशी से पागल हुई जा रही थी कि आज बहुत बुरी तरह से छुड़ाने वाली हूँ। लेकिन ऊपर से दिखावा करते हुए रोने का नाटक किया आह्ह बाबू दर्द हो रहा है.. तो उसने और ज़ोर ज़ोर से मारा मेरे गालों पे मार मार के लाल कर दिया और बोला “साली छिनार रांड राजा जी बोल”

मैंने कहा “जी राजा जी बहुत दर्द हो रहा है”Muslim sex story
फिर उसने मेरे बाल पकड़ के लंड मेरे मुंह में डाल दिया… मेरे मुंह से आवाज़ नहीं निकली उघ्घ्ह उघ्ह कर रही थी मैं… फिर दोनों हाथों से बाल पकड़ के पूरा लंड मेरे गले में डाल दिया मेरे गले में जैसे डंडा फंस गया हो… उल्टी जैसा आ रहा था लेकिन कर नहीं सकती थी क्योंकि लंड मुंह में था और सांस बस मुश्किल से ले रही थी.. मैं एकदम हांफ रही थी जैसे कोई अस्थमा का मरीज हो.. फिर उसने अचानक से लंड बाहर निकाला उससे लंड पे मेरा लार लगा हुआ था ची कितना गंदा लग रहा था। लेकिन सांस में सांस आई थी। मैं तो मरने ही वाली थी अगर थोड़ी देर और लंड डाले रहता। एक तो उसका लंड 8 इंच लंबा और 3 इंच मोटा था… फिर थोड़ी देर चेन की सांस ली ही थी कि उस कमीने ने फिर लंड डाल दिया मुझमें… ऐसे ही 15-20 मिनट करता रहा ज़ालिम। मेरे तो पूरे गाल दर्द करने लगे थे। लार से पूरी ज़मीन गीली हो गई थी… मैंने कहा “राजा जी अब बस करिए प्लीज़ आपके पैर पड़ती हूँ… उसने कहा “हाहाहाह कुटिया बोल फिर रांड कौन है तू” शायद वो मेरे मु से सुन ना चाहता था कि आपकी रखैल राजा जी। लेकिन मैं तो पूरी चुदासी थी जोश में बोल “आपके मोटे हिंदू लंड की 2 कोड़ी की रखैल आपका बिस्तर गरम करने वाली सिर्फ एक कुतिया हूँ मालिक” उसने तो इतना मस्त रिप्लाई एक्सपेक्ट ही नहीं किया था। एकदम खुशी से फूला नहीं समा रहा था। मुझे लगा कि ये बोल कि शायद मैं फैंस गई और ऐसा ही हुआ। कमीने एडम से कुटिया समझ लिया मुझे…

उसने फिर अपने गंदे तलवे मेरे सामने कर दिए बोला चाट कुटिया.. मैं बी क्या करती ये सब गेम मेरा ही बनाया हुआ था खेलना तो पड़ता ही.. मैं बी एक कुटिया की तरह उस के तकवे चाट रही थी.. शुरू शुरू में एकदम गंदा लग रहा था फिर धीरे धीरे मज़ा आने लगा.. उसे शायद गुदगुदी होने लगी थी तब भी उसने ये ज्यादा देर नहीं करवाया. जैसे लंड को 20 मिनट तक चूसा था. फिर उसने ज़मीन पे थूका बोला चाट इसको कुटिया… मैं तो एकदम बेहया हो गई थी… एक कुटिया की तरह उसका थूक चाट रही थी.. और क्या क्या बताओ उसने क्या क्या करवाया थूक चटवाया, फिर लंड चूसा, नमाज़ वाली चादर पे मुता उसने और कहाँ चाट वो भी मैंने चाटा.. फिर कहाँ नमाज़ पढ़. और जब तक पूरी मत पढ़ लेना रुकना मत. मैंने कहाँ इसमें क्या है पढ़ने लगी तो कमीने में बाल पकड़ के मु में थूक दिया. मेरी नमाज़ बीच में टूट गई. ऐसा ही कर कर के ज़ालिम ने 5 मिनट की नमाज़ को 30 मिनट लगवा दिए.. वो खत्म हुआ तो मैं एकदम तड़प गई थी बस…मैंने कहा “राजा जी अब सहा नहीं जाता बस अब आप डाल दो” कमीना मेरा मु खुलवाना चाहता था कहा “क्या डाल दूं” मैंने कहा “अपना वो”। उसने कहा “वो क्या रांड”। मेरे उपास हवस हावी थी मैंने आव देखा ना ताव बोली। ” उफ्फ़ मेरे शैतान हिंदू पिया अपना हिंदू लौड़ा डाल के इस मुल्ली रांड की चूत फाड़ दो बच्चे दानी तक उतार दो अपना लुड रखैल बना लो मुझे अपनी। अपने बिस्तर की सिर्फ एक रांड बना लो मुझे बच्चा डाल दो अपने हिंदू लंड से मेरी नाज़ुक पाकीज़ा चूत में जो कब से आप जैसे मोटे हिंदू लंड की तलाश में थी यही सुन न चाहते थे ना राजा अब छोड़ो ”

वो समझ गया कि अगर अब नहीं डाला तो मैं तो ऐसे ही मर जाऊँगी तड़प तड़प के। मेरे मुझसे क्या क्या निकल रहा था मुझे खुद ही नहीं पता था। ये सब मैं नहीं मेरी हवास बुला रही थी मुझसे… फिर उसने मुझे कुतिया बनाया और पीछे से आ कि मेरे बाल पकड़ के सिर ज़मीन पे दबा दिया गांड उठी थी मेरी और सिर ज़मीन पे लगा था… फिर उसने अपना लंड मेरी चूत पे रखा। पता नहीं क्यों शायद उसको खुश करने के लिए ही मैंने कहा “या अल्लाह! ताकत दे मुझे इस हिंदू लंड को झेलने की”. फिर अचानक से जैसे 440 वोल्ट का करंट लगा हो मुझे समझ नहीं आया क्या हुआ आँखों के सामने अंधेरा छा गई चूत में अचानक बहुत तेज़ दर्द हुआ जैसे किसी ने चाकू भोक दी हो.. मैं मछली की तरह तड़पने लगी और चिल्लाई आआआआआआआआआआआआआआआ आआआआआआआआआ आआआआआआआआ आआआआआआआआ आआआआआआआआ आआआआआआआ आआआआआआआ आआआआआआआ आआआआआआआ आआआआआआआ आआआआआआआ आआआआआआआ आआआआआआआ है आआआआआआआआ!!!!!! शुरू के 15-20 सेकंड समझ ही नहीं आया क्या हुआ बस बेइंतेहा दर्द हुआ… मेरी आँख में आँसू आ गए जब 15-20 सेकंड हुई तब थोड़ा समझ में आया जब उसने बोला ” इतना क्या नाटक कर रही है रांड अभी तो आधा लंड ही गया है!!!!” . मैंने बालों से बोला “आधा!!!!! :O नहीं साल प्लीज आधे लंड से ही छोड़ दो मुझे आआह्ह्ह्ह बहुत दर्द हो रहा है” वो तो जैसे बहरा हो गया था अगला शॉट उसने और ज़ोर में मारा इतना ज़ोर का धक्का लगा मैं कुतिया के पिसे से गिर के ज़मीन पे लेट गई पेट के बाल और मेरा सिर ज़मीन में घिसा हुआ आगे चला गया शायद उसका पूरा लंड घुस गया था। अब क्या बताओ अपनी हालत जैसे दूसरी बार मेरी सील टूट गई हो… मैंने इतनी ज़ोर से चिल्लाई कि उसने कहा “चिल्ला मत रांड मेरे दोस्त का कमरा है उसके पड़ोसी सुन लेंगे।” मैं मैं दर्द की वजह से तड़प रही थी तो चिल्ला चिल्ला के रो रही थी… उसने कहा “तू ऐसे नहीं मानेगी रांड” उसने बगल में पड़ी अपनी चड्डी उठाई जो बहुत ही गंदी थी। शायद कमीना नहाने के बाद धोता नहीं होगा.. मुठ की बदबू आ रही थी उससे… उसने चड्डी उठाई कि मेरे मूं में थोड़ी दी जिससे मेरी आवाज़ बंद हो गई… . बस फिर क्या था अब तो खैर नहीं थी मेरी। मैंने सोचा अब ये नहीं छोड़ने वाला बस अब सहती जा आफिया जो बी ये करे। फिर उसने मु दबा के छोड़ना शुरू किया। जैसे कोई चोट पे नमक रगड़ रहा हो जब वो अंदर बाहर कर रहा था। मेरी आँखों में पूरे आँसू भर गए थे…. मु में चढ़दी की वजह से रो बी नहीं पा रही थी बस सिसकियाँ ले रही थी मैं बस रोए जा रही थी…

फिर मैंने अपने आप को दिलासा दिया ‘कोई बात नहीं आफिया झेल ले 3-4 मिनट की ही बात है’ मैंने सोचा यह बी आरिफ और इमरान की तरह झड़ जाएगी 3-4 मिनट में। फिर तब मुझे सबीना की बात याद आ गई। अचानक मेरी रोख कैंप गई। मैंने कहा यार आज तो मर गई.. काश सबीना की बात पढ़ न हो। मेरे ध्यान फिर सामने देवर पे तंगी घड़ी पे गया बस मैं वो ही घड़ी देखे जा रही थी कि कब 4 मिनट हो जल्दी से और इस ज़ालिम से पोछा छूटे… चूत में तो इतनी जलन हो रही थी जितनी जले पे डेटॉल लगाते वक़्त बी नहीं होती… बस मैं छोड़े जा रही थी रो रो के। फिर 2 मिनट हो गए मैंने दिलासा दिया बस 2 मिनट और… 3 मिनट हो गए 4 मिनट हो गए.. लेकिन ये कमीना तो छोड़े की जा रहा था। 6 मिनट हो गए छोड़ देते छोड़ते मुझे बी मज़ा आने लगा… मैं बी गांड उठा उठा कि उसका साथ देने लगी मेरा दर्द कम हो गया था। लेकिन कमीने से मेरी खुशी नहीं देखी गई… उसने देखा मुझे मज़ा आने लगा तो एकदम से बाल पकड़ा और फुल स्पीड में छोड़ने लगा… अचानक से वो दर्द फिर जाग उठा धीरे-धीरे मुझे कमजोरी महसूस होने लगी… चक्कर आने लगा और छोड़ते-छोड़ते ही बहोश हो गई मैं…..
फिर क्या हुआ मुझे याद नहीं होश आया तो मैं बेड पे पड़ी थी अमन सामने हाथ में पानी के लिए शायद वही दाल कि उसने जगाया होगा.. मुझे.. मैंने कहाँ जानू जान ही निकाल दी थी तुमने तो आज… वो बोला हाहाहा अब बता छूटेगी ऐसे… या प्यार से.. मैं तो बस उसकी दीवानी हूँ गई थी। मैंने कहा मेरे पिया ऐसे ही चुदूंगी बेरहमी से। रखैल बन के आज पता चला चुदाई का असली मज़ा बाबू…

फिर उसने कहा चल ठीक है उठ कपड़े फण ले चल घर छोड़ दूं तुझे… मैं उठ के अपनी चूत देखी तो फुल के पांव रोटी बन गई थी एकदम लाल। मैंने उंगली से हल्का सा टच किया तो बहुत तेज़ जलन हुई। मैं कहती हूँ “बाबू ये तो जल रहा है” उसने कहा “हाहाहाहा रांड कुछ दिन तो हो गया ही ऐसा।” फिर मैंने किस तरीके से कपड़े फोन ही लिए। जैसे ही उठी तांगे कैंपने लगी और फिर गिर गई… मैंने कहा “बाबू घर कैसे जाऊंगी ऐसे सब को क्या बोलूंगी” उसने कहा टेंशन मत ले मैं हूँ ना… फिर उसने भगवान में उठाया मुझे और अपनी कार में बैठाया। और मेरे घर तक ड्रॉप किया डोर बेल बजाई.. मॉम ने दरवाजा खोला मैं कार में ही बैठी थी.. उसने मॉम से बात की कि मेरा एक्सीडेंट हो गया था उसने रास्ते में मुझे देखा और उठा के घर ले आया.. मॉम ने उसे थैंक्स बोला.. क्या प्लान था कमीने के दिमाग में। फिर वो मेरे घर ब आने लगा और हम लोग चुदाई करते। अब तो मैं उसकी पलटू कुतिया हूँ। जब चाहे जहाँ चाहे वो मुझे ज़ालिल करता है बहुत मज़ा आता है दोस्तों….Antarvasna Story

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