Bajuwali Aunty Ke Sath Chudai – Aunty Ki Chudai Ki Kahani

हमारे पड़ोस में बहुत लड़कियाँ रहती थीं पर मुझे काम उमर की लड़कियो से ज़्यादा अपने से बड़ी और शादीशुदा औरतें पसंद थीं, क्यों कि उनके स्तन बहुत बड़े होते थे और मैं दीवाना था.. मुझे बड़े बड़े गोल गोल नरम नरम भरे, शुद्ध स्तन बहुत पसंद हैं.. मैं हमेशा सोचता रहता था कि स्तन को दबने में कैसा फील होता है.. मैंने सुना था कि वो बहुत सॉफ्ट होते हैं लेकिन असल में उनको पकड़ के कैसा लगता है मैं देखना चाहता था Bajuwali Aunty Ke Sath Chudai
… शायद इसी के लिए मुझे बड़े स्तन ज्यादा पसंद थे क्योंकि उनके हाथ में पकडने में और दबने और चूसने में ज्यादा मजा आता होगा… क्या इसके लिए मेरा ज्यादा ध्यान शादीशुदा है और ज्यादा उम्र की महिलाओं की तरफ रहता था…
मैं हमेशा शादीशुदा महिलाओं के स्तनों की तरफ देखता रहता था.. जब किसी महिला ने साड़ी पहनी थी और जरा सा पल्लू सरक जाता था तब जो स्तन देखने में मजा आता था मेरा लंड उससे पूरा टाइट हो जाता था.. और मैं अपना एक हाथ जेब में डाल के लंड को दबाने लगता था… फिर रात को अकेले में वो सीन याद कर के हस्तमैथुन करता था.. मैं तो सोचता-सोचता पागल हो जाता था कि जब किसी महिला को अपने बिल्कुल साथ नंगा देखते होंगे तो कैसा लगता होगा.. उसका पूरा शरीर नंगा हो और मुख्य रूप से हमारे स्तन, गांड और चूत को देख सकु… जहां पे भी चाहु टच कर सकता है.. किस कर स्कू… हमें कोमल शरीर पे अपना लंड मसल स्कू… मैं तो बस दूध और चूत का दीवाना सा हो गया था… और होता भी क्यों ना.. शादीशुदा महिलाओं के स्तन और चूत होते ही इतने मस्त थे..
मैं जब भी किसी शादीशुदा महिला के बारे में सोचता था तो सब से पहले मेरे मन में ख्याल आता था हमारे घर के बिल्कुल साथ रहने वाली आंटी का.. वो 3 साल पहले ही पड़ोस में शिफ्ट हुए थे.. अंकल जॉब करते थे और वो अक्सर घर से बाहर रहते थे… और जहां तक ​​निशा भाभी की बात है वो बहुत ही खूबसूरत, सेक्सी थी… उनका शरीर बहुत मस्त था और उनका फिगर बहुत ही सेक्सी था… उनका फिगर कुछ 36-32-38 था.. वो दिखने में बहुत ही आकर्षक और सेक्सी थी.. एक दम माल जिसे देखते ही किसी का बी मैन उन्हें जो चोदने का मौका था.. मैंने उनके बारे में बताया मैं सोच रहा था कि बहुत बार हस्तमैथुन किया था.. वो ज्यादातर साड़ी पहनती थी डीप कट ब्लाउज के साथ, जो इतना गहरा होता था कि उनके स्तन साफ ​​दिखते थे.. और जब भी मैं उनके घर जाता था तो उनके बड़े बड़े गोल गोल स्तन ही देखता रहता था.. जब वो चाय देना चाहता था तो थोड़ा आगे झुकती थी तब मेरी नज़र हमेशा उन केके क्लीवेज पे होती थी..

मैं हमेशा सोचता था कि अंकल बी बहुत लकी हैं जो इतनी खूबसूरत और सेक्सी बीवी मिली है उनको… मैं भी चाहता था कि काश कभी मुझे सिर्फ एक बार ही मौका मिले निशा आंटी के साथ सेक्स करने का.. मैं हमारे स्तनों को दबाना चाहता था और उसे खूब चोदना चाहता था.. आंटी की चुदाई मेरा एक सपना बन गई थी.. मैंने पता नहीं कितनी बार उनको इमेजिन कर के मुथ (हस्तमैथुन) मारी थी लेकिन अब मैं हमारी चूत मारना चाहता था… हमें ले के मेरे मन में इतनी कल्पनाएं थी मैं वो सारी पूरी करनी चाहता था.. चाहे कैसी भी…
इस लिए मैंने उन दोनों के साथ इंटरेक्शन बढ़ा दी.. मैं बार-बार उनके घर आता था और निशा आंटी से बात करने की कोशिश करता था, पता नहीं क्यों पर निशा आंटी भी मुझसे बहुत अच्छे से बात करती थी और बहुत मुस्कुराती थी… मुझे ऐसे लगने लगा था कि वो भी मुझसे बात कर के खुश होती है.. जो भी हो.. मैं तो हर वक्त हमें के सेक्सी जिस्म को देखता रहता था… जब वो मेरे साथ होती थी तो मेरा ध्यान बार-बार हमारे के बड़े बड़े रसीले स्तनों की तरफ चला जाता था और जब वो पलट के दूसरी तरफ जाती थी तो मेरा ध्यान उस की गांड पे होता था…वो अपनी गांड को मटक मटक की चलती थी…
मुझे आज भी याद है वो दिन.. एक दिन निशा आंटी ने साड़ी की जगह जींस और टॉप पहना था… ओह्ह्ह्ह…उस दिन वो क्या लग रही थी…उसे देख के तो किसी का भी मन गुड़िया जाए..उस दिन पता नहीं क्यों निशा आंटी ने ब्रा भी नहीं पहनी थी तो हमारे स्तन बिल्कुल ढीले थे और टॉप में से साफ साफ हमारे के स्तनों का साइज पता चल रहा था..जो मैंने पहले देखा था तब हमें ब्रा पहननी थी तो स्तन टाइट होते थे उनका पूरा साइज़ पता नहीं चलता था.. लेकिन उस दिन उस ने ब्रा नहीं पहनी थी… हमें बड़े बड़े दूध से भरे स्तन लटके थे… वो मैंने जितना सोचा था उससे भी बड़े थे… मैं तो उन्हें देख के पागल हो गया था.. और मेरा लंड पेंट में से ही खड़ा होने लगा था.. मैंने जैसे तैसे कर के अपने पेंट में ही छुपा लिया.. निशा आंटी की जींस भी बहुत टाइट थी… हमारी मोटी गांड उस दिन साफ ​​दिख रही थी… और दिल कर रहा था कि हमें के बम्प्स को अपने हाथों से दबा लिया.. वो नरम से बम्प्स… उस दिन मैंने चुप के से निशा आंटी की गांड की और साइड से बूब की फोटो अपने मोबाइल में खींच ली और रात को वो फोटो देखते हुए हस्तमैथुन करने लगा…

उस दिन से मेरी दीवानगी निशा आंटी के लिए और भी भड़क गई थी.. अब तो मेरे लंड में निशा आंटी का नाम सुनते ही हरकत होने लगती थी और जब मैं अपनी कल्पना में निशा आंटी को बिना कपड़ों के पूरी नंगी इमेजिन करता था तो मेरे लंड से एक रस सा निकलने लगता था.. मैं अपने लंड की टोपी को पीछे कर के हमारे रस को अपने लंड के आगे वाले लाल रंग के हिससे में सब तरफ लगा देता था.. और कितना कितना टाइम निशा आंटी की कल्पना में चुदाई करता रहता था… मैं सोचता था कि जब मेरा लंड उस की गीली चूत को टच करेगा तो कैसे लगेगा… हमारी चूत के पानी की महक कैसी होगी और हमारा स्वाद कैसा होगा? मैं हमारी चूत को पूरा गीला कर देना चाहता था.. और हमारे स्तनों को गहरा कर देना चाहता था.. 69 की पोजीशन में हमारी चूत को चाटने की बहुत इच्छा थी मेरी.. और हमारे मुँह में अपना लंड डाल के चूसना चाहता था…
मैं तड़प रहा था निशा आंटी को चोदने के लिए… मैं सोच रहा था कि कहीं से तो मुझे एक बार मौका मिले उसे चोदने का..
मैंने अक्सर देखा था कि निशा आंटी कभी-कभी थोड़ा उदास रहती थी.. पता नहीं लग पता था कि उसे क्या दिक्कत है.. मैंने हमसे काफी बार पूछा था कि आप उदास क्यों होते हो पर वो कभी कुछ नहीं बताती थी.. शायद मुझे शर्मिदा होने से शर्म आती थी या मुझे बताना नहीं चाहती थी.. पर मैं जैसा तैसे कर के उसे हंसी देता था और हमें कि उदासी थोड़ी कम हो जाती थी.. शायद इसी के लिए वो मुझ से बात करना पसंद करती थी.. मैं जब भी हमारे लिए घर जाता था तो वो मेरे लिए प्यार से कॉफ़ी ले के आती थी और जब मैं सोफ़े पर बैठा होता था तो थोड़ा झुक के मुझे कॉफ़ी देती थी.. काफ़ी बार ऐसा करते हुए हमें का साड़ी का पल्लू थोड़ा सरक जाता था और वो मेरी आँखों में आँखें डाल के मुस्कुराती थी वो अपनी थोड़ी सी क्लीवेज मुझे दिखा के अपना पल्लू ठीक कर लेती थी… मुझे हमारी ये अदा बहुत पसंद थी.. और मुझे तो ये लगाने लगा था कि वो मुझे सिड्यूस करने के लिए जां भुज के अपना पल्लू गिरा के अपनी क्लीवेज मुझे दिखाती है… मैं तो पहले से ही हमारे स्तन के दीवाना था…

मैंने एक बार रात को उनका घर गया.. उनके घर का दरवाजा खुला ही था तो मैं बिना दस्तक दिए चुप चाप अंदर चला गया… मैंने देखा के अंकल और निशा आंटी कुछ परेशान हैं… निशा आंटी ने अपनी साड़ी का पल्लू उतार के साइड में रखा हुआ था और वो सिर्फ ब्लाउज और आला वाले कपडे में थी और वो अंकल की शर्ट उतारना चाहती थी.. पर अंकल कह रहे थे कि उन को बहुत काम करना है वो सेक्स नहीं कर सकते..
निशा: विनय कितने दिन हो गए चलो ना आज मेरा बहुत मन है सेक्स करने का.. आओ मैं तुम्हारी शर्ट उतार दू…
अजय: क्या यार निशा तुम्हें जब देखो सेक्स सेक्स सेक्स ही करना आता है.. मुझे बहुत काम है ऑफिस का..
निशा : अरे काम तो रोज ही करते हो आज मेरे साथ कर लो ना.. मुझे चोदो ना.. प्लीज़..
अजय: तुमको पता नहीं क्या हो गया है.. बहुत चोदने का मन करता रहता है हमेशा तुम्हारा… अभी कुछ दिन पहले ही तो किया था..
निशा: अरे 7-8 दिन हो गए, और वो भी थोड़ा सा टाइम ही चुदाई की थी तुमने.. मुझे और सेक्स चाहिए..
अजय: हमसे ज्यादा सेक्स मैं नहीं कर सकता.. अभी मुझे डिस्टर्ब मत करो.. मेरी कल प्रेजेंटेशन है.. मुझसे काम करने दे
तो ये सब होने के बाद निशा आंटी ने अपनी साड़ी लपेटी और उदास हो के अपने बेडरूम में चली गई.. विनय अंकल अपना काम करने लगे.. मैं सब समझ गया के वाहा क्या हो रहा था… और मैं कहीं ना कहीं खुश थी.. निशा आंटी को सेक्स की बहुत भूख थी और वो ढेर सारा सेक्स करना चाहती थी पीआर विनय अंकल उसको संतुष्ट नहीं कर पाते थे..
मुझे जो लगता था कि निशा आंटी बहुत सेक्सी हैं, हमारी चूत भूखी है और वो चुदना चाहती है वो सब सच था और मेरा जो उसे लगता था कि मुझे पूरा करने का सपना मिल गया था.. मैं समझ गया था कि निशा आंटी उदास क्यों होती है और मेरे साथ बातें कर के खुश क्यों होती है…मुझ से इतने अच्छे से बात क्यों करती है.. और कॉफी देते समय हमें का पल्लू नीचे क्यों सरक जाता है… निशा आंटी भी मेरी तरह सेक्स की भूखी थी और वो भी बहुत सेक्स करना चाहती थी.. मैंने सोच लिया था कि अब चाहे जो हो जाए मैं निशा आंटी को संतुष्ट जरूर करूं करूंगा…उसे खूब पकड़ूंगा…आखिर वो भी तो यही चाहती थी…
मैं चुप चाप उनके घर से वापस आ गया.. बिना किसी को मिले.. फिर मैंने घर आ के निशा आंटी को एसएमएस किया कि आप प्लीज उदास न हो.. और सिर्फ इस एसएमएस के बारे में अंकल को मत बताना.. मैं कल उनसे अंकल के ऑफिस जाने के बाद मिलने आऊंगा.. तो निशा आंटी का जवाब आया उदास न हो का क्या मतलब ? तुमको कैसे पता के मैं उदास हूं.. मैंने रिप्लाई भेजा के सब कुछ कल को उनके घर आ के बताउंगा विनय के जाने के बाद.. आप उनसे कुछ मत कहना इस के बारे में… निशा आंटी मान गई… मैं उस रात वो सब सोचता रहा जो मैं निशा भाभी से करना चाहता था.. मेरी हवास की कोई सीमा नहीं रह रही और मैं नंगी निशा आंटी को मेरे लंड से चुदते देख रहा था अपनी सोच में.. वो आंखे बंद कर के बिस्तर पर लेटते अपना दूध दबा रही थी और मैं हमें अपनी टैंगो को ऊपर उठा के अपनी गीली रसीली चूत में अपना लंड डाल के उसे चोद रहा था.. ये सोचते सोचते मुझे कब नींद आ गई मुझे पता ही नहीं चला…

अगले दिन सुबह मैं बहुत खुश था मैं निशा आंटी से बात करने जा रहा था.. मेरी इतने समय की हसरत पूरी होने की बहुत उम्मीद थी.. विनय के ऑफिस जाने के बाद मुख्य निशा से मिलने उनका घर गया… वो रात की वजह से उदास ही थी.. उसने मुझे अंदर आने को कहा और पूछा कि मुझे कैसे पता चला कि रात को मैं उदास थी.. मैंने पहले भावनात्मक रूप से अपनी बातों में लेने की कोशिश की.. मैंने कहा भाभी देखी मैं आपको कितने टाइम से नोटिस कर रही हूं.. आप काफी उदास रहती हो.. मैं हमेशा सोचता रहता था कि आप के साथ क्या समस्या होगी जो आप इतना उदास हो. मैं एपी को उदास नहीं खुश देखना चाहता था.. वो मेरी बातों को ध्यान से सुन रही थी.. जब मैंने कहा कि मैं एपी को पसंद करता हूं शुरू से.. पर जब आप इतनी उदास होती हो तो मुझे बिल्कुल अच्छा नहीं लगता… तो हमने अपना सर नीचे कर लिया.. मैंने उसका चेहरा ऊपर उठया और हमसे कहा कि आंखों में आंखें डाल के कहा आप चिंता ना करो.. मैं आपको खुश देखना चाहता हूं… मैं कल रात को एपी के घर आया था और विनय से आप की सारी बातें सुन ली थी.. मुझे सब समझ लग गई है कि आप उदास क्यों रहती हो.. लेकिन आप चिंता ना करो मैं हूं ना एपी के साथ.. मैं एपी को वो सब दूंगा जो आप चाहती हो और जिसकी आप हकदार हो…
मेरे ये कहते ही हम दोनों को मस्ती सी चढ़ गई और हम दोनों एक दूसरे के गले लग गए.. मैंने निशा आंटी को अपनी बाहों में ले लिया और ज़ोर से गले लगा लिया.. मैं अपना हाथ हमें की पीठ पर फेरने लगा था.. मेरा सालो का अरमान आज पूरा होने जा रहा था.. मैंने सब से पहले निशा आंटी के बाल खोल दिए और उन में हाथ फेरने लगा… फिर मैंने हमें के माथे को चूम लिया और फिर हमें गालों को.. हमें के वो गुलाबी होंथ मुझे आज भी याद है.. मैंने हमें के नरम गुलाबी होठों को छुआ और फिर अपना मुंह हमें के मुंह में डाल दिया k hontho ko chumne aur chusne lga.. us k honth bahut hi meethe the.. main us k hontho ko chuste ja rha tha.. jaise k un mein se koi metha ras nikal rha ho aur main apni pyas bhuja rha hu…
मुख्य निशा आंटी को सोफ़े पर लिटा दिया और हमें उसकी साड़ी का पल्लू उतार दिया… अब वो मेरे साथ ब्लाउज में थी.. हमें दूध धीरे-धीरे बड़े होने लगेंगे… वो स्तन जो मेरे सपनों में आते थे.. आज मेरे बिल्कुल साथ थे और मैं उन्हें असली में छू सकता था.. मैंने प्यार से हमारे स्तनों पर अपने हाथ रख दिया… उफ्फ्फ इतनी नरम और मुलायम चीज मैंने आज तक नहीं छुई थी… मुख्य प्यार से हमारे स्तनों को सहलाया गया और धीरे-धीरे दबने लगा… मुझे लग रहा था कि हमारे स्तनों के निपल्स धीरे-धीरे सख्त हो रहे थे.. मैंने हमारे होठों को फिर से चूमना शुरू किया था कर दिया, हमारे स्तनों को दबाते हुए… फिर मैं थोड़ा अलग आया और हमारी गर्दन पर चुंबन करने लगा.. मैंने हमें अपनी गर्दन पर अपने होठों से काटना शुरू कर दिया.. निशा भाभी अपनी आंखे बंद कर के मेरे भूलभुलैया ले रही थी.. हमारे हाथ मेरे बालों में घूम रहे थे… और वो कह रही थी ओह मोंटी मैं कब से तुम्हारे लिए तड़प रही हूं.. आज आख़िरकार तुम मेरा इशारा समझ ही गए…।
मैंने अपने हाथ में हमें के बाल पकड़े और उनको पीछे खींच लिया, हमें का चेहरा ऊपर की तरफ उठा लिया और हमारे चेहरे और गर्दन पर किस करते हुए बोला.. मेरी जान निशा मैं तो सालो से तुम्हारे लिए तड़प रहा हूं.. ना जाने कितनी बार मैंने तुमको अपने सपनों में देखा है… तुम्हारे साथ सेक्स किया है.. तुमको नंगा किया है.. पता नहीं कितनी बार तुम्हारे नाम पर हस्तमैथुन करके अपना रस निकाला है.. मेरा लंड तो तुम्हारी चूत में घुसने के लिए तड़प रहा है… आज मैं अपने लंड को भूख मिटा दूंगा.. पूरा तुम्हारी चूत में डाल कर इस्तेमाल कर सकता हूं… आज मैं तुम्हारी हवस को अच्छे से संतुष्ट करूंगा अपने लम्बे लंड से… और मैं हमारा हाथ पकड़ कर अपनी पेंट पे लंड वाली जगह ले गया… देखो मेरा लंड कैसा तन गया है.. उसने मेरे लंड को पेंट के ऊपर से ही अपने हाथ में पकड़ लिया और बोली.. तुम्हारा लंड तो सच में बहुत लंबा है जानू…और वो मेरे लंड को मलने लगी…और हम एक दूसरे को चूमते रहे…
फिर मैंने हमें क्लीवेज पे किस करना चालू कर दिया.. और किस करते हुए हम दोनों एक दूसरे से लिपट गए और निशा को मैं घुमा के अपने ऊपर ले आया और खुद सोफे पर नीचे चला गया.. अब वो मेरी गर्दन पर किस करने लगेगी और काटने लगेगी.. उसने मेरी शर्ट उतार दी और मेरी छाती पर किस करने लगेगी.. वो बोली के इस्तेमाल मेरी छाती बहुत अच्छी लगती है वो हमें हर जगह किस करना चाहती है.. फिर हमें ने मेरे निपल्स पे किस करना शुरू कर दिया… मैंने अपने हाथों में हमें के बालों को पकड़कर रखा हुआ था ता के यूज़ के साथ किस करते समय कोई समस्या ना हो.. वो एक हाथ से मेरे एक निपल को मसल रही थी और दूसरे निपल को मुँह में ले के चूस रही थी.. फिर हमें ने मेरे निपल पे काटा.. उफ्फ्फ… मीठा सा दर्द हुआ…
फिर वो उठ के मेरे पीठ पर बैठ गई और मेरी आँखों में आँखे डाल के मुस्कुराती हुई अपना ब्लाउज खोलने लगी… जब हमारे ब्लाउज के हुक खुल गए तो हमें ने ब्लाउज को उतारा नहीं और अपने स्तनों पर हाथ रख के हमें गिरने से रोक लिया.. फिर वो अपने स्तनों के साथ खेलने लगी और उनको गोल गोल घुमाने और दबने लगिए… मैं ये सब देख के मस्त हो रहा था… फिर मुझसे नहीं रहा और मैंने हमें के हाथो पे अपने हाथ रख दिए और हमारे स्तनों को ज़ोर से दबा दिया.. हमने लंबी सास ली और आंखे बंद कर के अपना मुंह ऊपर उठा के भूलभुलैया लेने लगी.. मैं हमारे स्तन को दबाता जा रहा था… मुझे बहुत मजा आ रहा था..फिर मैंने हमें का ब्लाउज उतारकर नीचे फेंक दिया…तो अब आखिरकार हम के वो गोल गोल हसीन स्तन मेरी आँखों के सामने थे..
मुझे अपनी आंखों पर यकीन नहीं हो रहा था.. हमें के स्तन मेरी सोच से कहीं ज्यादा खूबसूरत थे… आज पहली बार मैंने हमें के नंगे स्तनों को रियल में टच किया और उन्हें अपने हाथों में ले लिया डीबीए दिया… मैं हमें अपनी चुचिया मसलने लगा.. और वो हार्ड हो गई… हमारे स्तन पूरी तरह से टाइट हो गए थे.. मैं उन को उछालने लगा और फिर मैंने हमें अपने ऊपर खींच लिया और हमारे स्तनों को अपने मुंह में ले लिया और फिर बारी-बारी हमारे स्तनों पर चुम्बन करने लगा… इतनी मुलायम चीज पर मैंने आज पहली बार किस किया था फिर मैंने हमारे स्तनों को अपने मुँह में लेना शुरू कर दिया और उनको चूसने लगा… हमारे निपल्स को काटता रहा.. और जैसे बच्चे दूध पीते हैं वैसे उन को चूसने लगा… मैंने अपना मुँह खोल के हमारे स्तनों को शुद्ध का पूरा अंदर लेने की कोशिश की वो बहुत बड़े हैं लिए पूरा मुँह में नहीं ले पाया…

हमारे स्तनों को चूसते हुए मैं अपना एक हाथ हमें अपनी गांड की तरफ ले गया और हमारे धक्कों को दबाने लगा.. फिर मैंने हमें अपनी गांड पर अपना हाथ शुरू कर दिया.. अब निशा हर तरफ से एक्साइट हो चुकी थी और मजे से आवाज निकल रही थी.. आहा .. आहा… आह.. और मैं हमें अपनी गांड और स्तन के साथ मजा लेता जा रहा था.. फिर मैंने हमें सोफे पर बिठा दिया और खुद जमीन पर खड़ा हो गया… उसने मेरे पेट पे गले लगा लिया और मेरी छाती और छेद पर चुंबन करने लगी… फिर हमने अपने मुंह से मेरी पेंट की जिप खोल दी और हाथ अंदर डाल दिया दिया.. उसने अंडरवियर के ऊपर से लंड को पकड़ लिया.. और फिर अंडरवियर के नीचे से हाथ अंदर ले गई और उसने मेरा लंड अपने नरम हाथों में ले लिया.. मेरा लंड उस समय बहुत गरम था.. और वो हमें दबाने लगी…
फिर उसने मेरी पेंट उतार दी और अंडरवियर भी नीचे कर दिया… अब मैं पूरा नंगा हो चुका था और मेरा 8 इंच का लंबा मोटा लंड उसके हाथों में था… उसने मेरे लंड की टोपी नीचे कर दी और लाल हिसा बाहर निकल लिया और बोली.. तुम्हारा लंड तो विनय के लंड से बहुत बड़ा और मोटा है.. मेरा लंड प्री-कम से गीला हो चुका था.. वो बोली मैं कब से ऐसे गर्म और रसीले लंड का मजा लेना चाहती थी.. और उसने मेरे लंड को चूम लिया… आज पहली बार किसी के होठों ने मेरे लंड को छुआ था.. फिर हमें हवा जाग गई और वो मस्ती में आ कर मेरे लंड को ऊपर नीचे कर दिया तरफ चूमने लगी.. फिर उसने मेरे लंड के आगे वाले लाल को अपने मुँह में ले लिया… और जो रस उस पे लगा था वो हमें चाट गई और अपने जीब मेरे लंड पर घुमाने लगी… मुझे पहली बार इतना अच्छा लग रहा था.. मैंने उस के बालों को पकड़ के रखा हुआ था.. और वो मेरा लंड चूस रही थी.. Aunty Ki Chudai Ki Kahani
जब उसने मेरा लंड अपने मुँह से बाहर निकाला तो मेरा लंड उस के थूक से पूरा गीला हो चुका था.. और मेरे लंड का रस उस के होठों से ले के मेरे लंड तक लटक रहा था… मैंने अपने लंड को उस के गाल पे मरना चालू किया और फिर हमारे के स्तन पे मरने लगा.. उस के नरम स्तन पे जब मेरा लंड लगता था तो अलग ही मजा आता था हम दोनों को… हमने अपने दोनों स्तनों को अपने हाथों में पकड़ा और मेरे लंड को दोनों स्तनों के बीच में डाल दिया। मजा आ रहा था… फिर उसने मेरे लंड पर थूक दिया और अपने हाथ से थूक दिया, लाल हिस्स पे फिला दिया और फिर हाथ से मेरे लंड को मलने लगी और हमें नी आगे का हिसा मुंह में ले लिया और पीछे के हिस्से को हाथ से मालती रही.. और आगे चुस्ती रही.. वो मेरे लंड की दीवानी सी होती जा रही थी और उसे ज़ोर ज़ोर से चूस रही थी और हाथ से माल रह गई थी… मेरी ख़ुशी की कोई सीमा नहीं रह रही थी और देखते ही देखते मेरे लंड में से शुद्ध सफेद वीर्य निकलने लगा… और उसने मेरा कम अपने चेहरे पर गिरवा लिया और उसका स्वाद भी लिया और बोली.. ये बहुत मस्त और टेस्टी कम है जानू…

फिर मैंने निशा को भी खड़ा किया और हमारी साड़ी पूरी उतार दी.. उसने काले रंग की पेंटी पहनी थी जो कि उसकी चूत के पानी से गीली हो चुकी थी.. मैंने नीचे जा कर उसकी चूत की खुशबू ली.. बहुत अच्छी खुशबू थी उसकी साड़ी पूरी उतार दी.. मैंने सीधी हमें की चूत वाली जगह पे पेंटी के ऊपर काट कर दिया… और बोला ये है मेरे लिए गरम रसीली चूत… और फिर हमें की पेंटी को अपने मुँह से नीचे उतार दिया… हमें उसकी चूत बहुत ही मजेदार दिख रही थी.. उसने शेव की हुई थी और उस की चूत से पानी निकल रहा था.. हमारी चूत पूरी तरह गीली हुई एक दूसरे के साथ लगे हुए थे.. और वो बहुत ही गरम हो चुकी थी.. मैंने हमें की चूत पर थोड़ी ठंडी हवा उड़ाई थी कि अपने मुँह से और फिर हमें की चूत के पानी को हाथ से साफ किया… और उस की चूत के क्लिट पे अपने हाथ से मलने लगा… मेरे हमारे क्लिट को टच करते ही निशा की आँखे बंद हो गई और उसे बहुत ज्यादा मजा आया और उसने ज़ोर से कहा और अपने स्तनों को दबा दिया..
अब हम दोनों पूरे नंगे हो चुके थे.. आज पहली बार मैंने किसी औरत को पूरी नंगी देखा था असली में.. मेरी सालों की हसरते जाग उठी और मैंने हमें उठ कर जोर से गले लगा लिया.. हम दोनों के जिस्म एक दूसरे से लिपट गए और हम स्मूच करने लगे.. मैं हमारे होठों को चूस गया और अपने हाथो से हमारे स्तनों को दबाता रहा… फिर मैंने हमें सोफे पर बिठा दिया और हमारे स्तनों को चूमा। करने लगा और हमें कि टैंगो को उठा के मैंने अपने कंधों पे रख लिया और फिर हमें की चूत के पास अपना मुँह ले गया और हमें की चूत पे किस कर दिया… मैंने हमें एक कर के किस किया और अपने होठों से उनको अलग कर दिया और थोड़ी जगह बना लिया और उनके बीच में किस कर दिया.. फिर मैंने अपनी जीभ बहार निकाली और हमें एक कर के चूमा.. और हमारी चूत को चाटने लगा.. मैंने अपनी जीभ को हमारी चूत के ऊपर नीचे और क्लिट पे घुमाना शुरू कर दिया और हाथो से हमारे स्तनों को दबाता रहा.. मैंने अपनी जीभ को हमें की चूत के अंदर डाल दिया.. और चूम लिया… 5 – 7 मिनट तक हमें की चूत को अपने मुँह और जीभ से स्वाद लेने के बाद मैंने अपनी एक उंगली हमें की चूत में डाल दी.. उस की चूत चूस रही थी वो पूरी तरह से भीग चुकी थी.. मैंने अपनी उंगली को हमारी चूत के छेद में घुसा दिया और अंदर बाहर करने लगा…
ये सब करते हुए निसा ने मुझे बताया कि आज पहली बार किसी ने हमें उसकी चूत पर किस किया है.. विनय ने भी हमें उसकी चूत पर कभी किस नहीं किया और हमें मेरा उस की चूत को चाटना बहुत पसंद आया है.. वो दीवानी हो उठी थी… और सिर्फ किस करते और चाटते करते ही हमें कम आ गया…उसकी चूत से सफेद तरल निकलने लगा..उसका पूरा कम मेरे हाथ पे था…मैंने हमें उसकी खुशबू दी और उसका स्वाद भी लिया..उसके कम जैसा स्वादिष्ट तरल मैंने कभी स्वाद नहीं लिया था..वो बहुत ही स्वादिष्ट था..मैंने निशा को भी हमारी चूत का कम स्वाद निकालने को दिया…वो बोली के इतना अच्छे से ऑर्गेज्म हमें ने सालो बाद आज लिया है.. हमारी सेक्स लाइफ में मस्ती खत्म हो गई थी जो मैं वापस ले आया… वो मेरे लंड की दीवानी हो चुकी थी और मुख्य तो हमारे स्तन और चूत का तो शुरू से ही दीवाना था… आज हम दोनों अपनी साड़ी हदे पार कर गए और एक दूसरे में खो गए… हम एक दूसरे को चूमते जा रहे थे…
फिर मैंने निशा को सोफे पर बिठाया और बोला.. तुम्हारी ये चूत बहुत भूखी है ना… वो बोली हां बहुत सालो से भूखी है.. खाली रहती है.. मैंने कहा लाओ आज इसे मैं अपने लंड से भर देता हूं… फिर मैंने उसे सोफे पर बिठाया और खुद खड़ा हो गया.. हमारे जोड़े को हाथो में पकड़ कर हमें टैंगो को ऊपर उठा लिया.. फिर हमें ने अपनी चूत खोली और मेरा लंड पकड़ कर अपनी चूत में डाल लिया.. आज मेरी वर्जिनिटी ख़त्म होने जा रही थी.. मेरे लंड ने हमें कि गरम गीली चूत को छुआ तो मजा आ गया.. मैंने हमें की चूत के छेद में अपना लंड डालना शुरू कर दिया और हमारे जोड़ों को खींच कर इस्तेमाल किया अपने पास ले आया ता के लंड ज्यादा अंदर जा सके.. आज मैं अपनी निशा को चोदने का सपना पूरा कर रहा था… मैंने धीरे-धीरे कर के आधा लंड उस की चूत में डाला घुसा दिया… और अंदर बाहर करता रहा… फिर मैंने हमें जोड़ा कि उसने झांगो को पकड़ लिया और उसे अपनी तरफ खींच लिया और अपना लंड और भी ज्यादा जोर से अंदर घुसेड़ना शुरू किया… और जोर जोर से झटके देने लगा…
वो मेरे लम्बे लंड के मजे ले रही थी और अपने बूब्ज़ को दबाते हुए.. आह ओह आह ह्ह्हाआ और ज़ोर से राज और ज़ोर से मेरी जान.. हां… ऐसे कर रही थी.. और मैं हमें आवाज दे रही हूं सूरज के और भी ज़ोर से उसे चोद रहा था… फिर मैंने ज़ोर ज़ोर से झटके दे अपना पूरा लंड उस की चूत में डाल दिया और फिर पूरे लंड को अंदर बाहर करके चोदने लगा…वो बोल रही थी कि इतना लंबा लंड आज पहली बार हमारी चूत में घुसा है…उसे बहुत मजा आ रहा था.. और मुझे भी.. फिर मैंने कहा कि अगर और मजा लेना है तो थोड़ा घूम जाओ.. डॉगी स्टाइल 😉 और फिर वो सोफे पर मेरी तरफ पीठ कर के घूम गई और मैं हमें ऊपर ले गया और लंड को हमारी चूत में डाल दिया.. और फिर मैंने हमें के बालों को पकड़ लिया और हमें सर को ऊपर उठा लिया और हमारी चुदाई फिर से शुरू कर दी और अब ज़ोर ज़ोर से झटके दे के लंड को पूरा अंदर डाल दिया और ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा… आवाज़ आ रही थी छप छप छप.. छप और हम दोनो ऊह्ह आअहह हहाआ.. ऐसे आहे भर रहे थे… फिर मैंने हमें का चेहरा अपनी तरफ कर लिया और लंड चुत में डाल कर चोदना शुरू किया और साथ के साथ किस करता रहा…
आज हम दोनों खूब मजे ले रहे थे और सातवे आसमान पे उड़ रहे थे.. मुख्य उपयोग चोदते ही जा रहा था.. हमारी जो हवस थी आज पूरी हो रही थी और मेरा भी सालो का निशा को चोदने का सपना पूरा हो रहा था… फिर मैं सोफे पर बैठ गया और वो मेरे ऊपर बैठ गई.. और उसने मेरा लंड अपनी चूत में ले लिया और फिर अपनी गांड को ऊपर करके मेरे लंड को अंदर लेने लगी… जब लंड हमारी चूत में जाता था तो वो उसे पूरा टाइट कर लेती थी.. जैसे गन्ने का रस निकलता है वो वैसे मेरे लंड को अपनी चूत में पेशाब कर रही थी… मेरा लंड और भी टाइट होता जा रहा था… और वो भी मदहोश हो रही थी… फिर वो बहुत ज़ोर ज़ोर से हिलने लगी और मैं भी नीचे से हिलने लगा.. जब वो अपनी गांड को ऊपर से नीचे करती तो मैं ऊपर से ऊपर हो जाता और जब वो नीचे से ऊपर जाती तो मैं ऊपर से नीचे आ जाता.. इस से हमारा मोशन डबल हो गया गया और लंड और भी ज्यादा अंदर बाहर होने लगा.. हमारा मजा डबल हो गया… और फिर ज़ोर ज़ोर से एक दूसरे को झटके देते gye.. वो भी झड़ने वाली थी और मैं भी… फिर कुछ समय बाद हम दोनों ने एक साथ कम निकाला…
वीर्य निकालने के बाद उसने लंड को चूत से बाहर नहीं निकाला और ढीला हो कर मेरे ऊपर लेट गई और कहने लगी.. शौर्य तुम मेरी जान हो… तुमने आज मुझे सच में संतुष्ट कर दिया है पूरा.. तुम्हारे जैसा कोई नहीं है… तुम मर्द हो.. तुमने मुझे बहुत अच्छे से चोदा है आज… आई लव यू जान… मैंने भी कहा कि तुम भी बहुत अच्छी हो, तुमने आज मेरी सालो की सेक्स की भूख को संतुष्ट किया है.. आई लव यू टू.. तुम मेरी जान हो… Chudai Ki Kahani

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